दिवंगत कर्मचारी की गुम सेवा पुस्तिका पर कार्रवाई न होने से आक्रोश: 23 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठेंगी विधवा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने दिया समर्थन

चंद्रहास वैष्णव

शिक्षा विभाग की कथित लापरवाही और हीलाहवाली से परेशान होकर एक दिवंगत कर्मचारी की विधवा ने अनूठा विरोध जताने का फैसला किया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चितालूर (विकासखंड बकावंड) में सहायक ग्रेड-2 पद पर कार्यरत रहे स्व. रघुराज दास की मृत्यु 15 अप्रैल 2025 को सेवाकाल के दौरान हो गई थी।

परिजनों का आरोप है कि उनकी मृत्यु के बाद संस्था से उनकी मूल सेवा पुस्तिका (Service Book) और पासबुक पुस्तिका को गायब/गुम कर दिया गया।
घटना के डेढ़ वर्ष (1 वर्ष 6 माह) बीत जाने के बावजूद न तो दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई और न ही द्वितीय सेवा पुस्तिका तैयार कर प्रकरण का निराकरण किया गया।

*23 अक्टूबर को गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना*
दिवंगत कर्मचारी की पत्नी श्रीमती सुप्रिया दास (निवासी ग्राम छोटे गारावंड खुर्द) ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को पत्र सौंपकर 23 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्वक धरने पर बैठने की सूचना दी है। सुप्रिया दास का कहना है कि उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन उन्हें केवल कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा मूल नस्ती न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ा जा रहा है, जबकि उनके पुत्र द्वारा शाला से अंकसूची व दाखिल-खारिज जैसे आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। स्वास्थ्य खराब रहने और पेंशन में भी विलंब होने से तंग आकर उन्होंने अंततः धरने का मार्ग चुना है।

*नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का खुला समर्थन*
इस मामले में नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कल्याण संघ (शिक्षा विभाग), जिला बस्तर ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ के जिला अध्यक्ष उमेश मेश्राम और जिला सचिव लोकेश साहू ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर श्रीमती सुप्रिया दास के धरना प्रदर्शन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

संघ का कहना है कि श्रीमती दास के पुत्र अनूप दास स्वयं शिक्षा विभाग के एक सहयोगी कर्मचारी साथी हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि किसी भी कर्मचारी के साथ भविष्य में इस तरह की अन्यायपूर्ण घटना न हो, इसके लिए समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। साथ ही संघ ने प्रशासन से धरना प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।