*बालोद नगर पालिका में पार्षद निधि सामग्री की निष्पक्ष जांच की मांग* उमेश कुमार सेन ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई शिकायत ​टोकन नंबर जारी*

विनोद जैन

​बालोद: नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड क्रमांक 01 से 20 तक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान पार्षद निधि मद से क्रय, संधारित एवं स्थापित की गई सामग्रियों तथा सार्वजनिक निर्माण कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर मामला गरमा गया है। वार्ड क्रमांक 07 निवासी उमेश कुमार सेन ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को प्रशासनिक मांग पत्र सौंपने के बाद अब सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) पर शिकायत दर्ज करा दी है। सीएम हेल्पलाइन द्वारा शिकायत पंजीबद्ध करते हुए टोकन नंबर CC261000233463 जारी किया गया है और मामले में बहुत ही जल्द निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।
​अभिलेखों और वास्तविक धरातल में विसंगति की आशंका
आवेदक उमेश कुमार सेन द्वारा प्रस्तुत शिकायत सह जांच आवेदन के अनुसार, पार्षद निधि मद से क्रय दर्शाई गई विभिन्न सामग्रियों—जैसे स्ट्रीट लाइट, डस्टबिन, पानी पाइप, संधारण सामग्री, पेवर ब्लॉक व अन्य निर्माण सामग्री—के वितरण, संस्थापन और मौके पर वास्तविक उपलब्धता को लेकर स्थानीय नागरिकों में असंतोष है। आवेदन में प्रबल आशंका जताई गई है कि बिना शत-प्रतिशत वास्तविक आपूर्ति और संस्थापन के ही देयकों (बिलों) का भुगतान कर केवल कागजी औपचारिकता पूरी कर ली गई है।
​आवेदक की व्यक्तिगत उपस्थिति में भौतिक सत्यापन की अनिवार्य शर्त
शासकीय राशि के दुरुपयोग की रोकथाम और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवेदक ने एकपक्षीय जांच को पूरी तरह अमान्य बताते हुए कुछ अनिवार्य शर्तें रखी हैं:
​पूर्व लिखित सूचना: स्थल सत्यापन के लिए तय तिथि, समय और जांच हेतु अधिकृत तकनीकी/सक्षम नोडल अधिकारी की लिखित सूचना आवेदक को कम से कम 8 कार्यदिवस पूर्व अनिवार्य रूप से दी जाए।
​संयुक्त स्थल पंचनामा: मौके पर ही आवेदक की उपस्थिति व हस्ताक्षर दर्ज कर संयुक्त स्थल पंचनामा (Spot Panchnama) तैयार किया जाए और उसकी प्रमाणित प्रति तत्काल आवेदक को सौंपी जाए।
​मूल दस्तावेजों से आमने-सामने मिलान: जांच दल द्वारा स्टोर की स्टॉक पंजी (Stock Register), सप्लाई/परचेज ऑर्डर, निविदा शर्तें, देयक व वितरण पंजी की मूल प्रतियों को मौके पर लाकर वार्डवार वास्तविक सामग्री का भौतिक मिलान कराया जाए।
​टोकन जारी होने के बाद कार्रवाई पर टिकी नजरें
शिकायतकर्ता ने जनहित एवं सार्वजनिक धन के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच दल गठित कर वार्ड क्रमांक 01 से 20 तक पार्षद निधि से क्रय समस्त सामग्री का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराने की पुरजोर मांग की है। सीएम हेल्पलाइन से टोकन नंबर जारी होने और जल्द कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद अब क्षेत्रवासियों और सजग नागरिकों की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन द्वारा इस पर धरातल पर क्या कार्रवाई की जाती है या नहीं।