*शराब दुकान की बाउंड्री से चलकर सरदार पटेल मैदान में कैसे पहुंचा DMF फंड का क्रिकेट बॉक्स?*

विनोद जैन

बालोद – अजब पालिका प्रशासन गजब खेल कागजों पर जन्म लिया शराब दुकान की बाउंड्री में, बड़ा हुआ कचरे की डंप साइट पर और जब टेंडर का दूध पीकर तगड़ा हुआ तो चुपचाप आकर खड़ा हो गया सरदार पटेल मैदान की छाती पर।

दावा किया गया कि स्टेडियम के पास एक ऐसा उबड़-खाबड़ कचरा डंप साइट है, जहां 1440 वर्ग मीटर का कचरा हटाया जाएगा, खुदाई होगी और मिट्टी-मुरूम के रोलर चलाए जाएंगे—जिसका बिल बनाया गया 7.28 लाख।

लेकिन असली जादू तब हुआ जब जमीनी काम शुरू हुआ। अफसरों की टीम किसी कचरा डंप साइट पर जाने के बजाय सीधे सरदार पटेल मैदान के दर्शक दीर्घा के सामने पहुंची और समतल, हरी घास पर चूने की सफेद लकीरें खींच दीं।

​जब तक अपने चहेते को उपकृत करने का खेल चल रहा था, तब तक फाइलों में डंप साइट की भारी-भरकम खुदाई, मिट्टी-मुरूम के 1008 क्यूबिक मीटर भराव और रोलर चलाने का बजट बड़े जतन से सजाकर रखा गया था।

लेकिन जैसे ही ई-टेंडरिंग के चक्रव्यूह में खासमखास पटखनी खा गया तो डंप साइट के नाम पर रोना बंद किया और सीधे तैयार, समतल खेल मैदान की छाती पर चूना फेर दिया।