*खुले मैदान को पिंजरे में कैद करने की नगर पालिका की तैयारी,,,,खेल प्रेमियों और युवाओं में नाराजगी*

विनोद जैन

बालोद – खेल के नाम पर खेल! सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में क्रिकेट बॉक्स की आड़ में खुली जगह निगलने का खेल शुरू करने की तैयारी की जा रही है

शहर का दिल कहे जाने वाले एकमात्र खुले सरदार पटेल मैदान के अस्तित्व पर अब कंक्रीट और जालीदार तारों का ग्रहण लगने जा रहा है।

प्रशासनिक अनदेखी और स्वार्थ की हद देखिए—जिस मैदान में शहर खुली हवा में सांस लेता है और छोटे बच्चे दौड़-भाग करते हैं, वहां अब क्रिकेट बॉक्स (टर्फ/पिंजरा) बनाकर मैदान की मूल सूरत बिगाड़ने की पूरी पटकथा तैयार कर ली गई है।

मैदान में डाली जा रही चूने की लकीरें किसी जनहित के विकास की नहीं, बल्कि मैदान को टुकड़ों में बांटने की पहली आहट हैं। सरदार पटेल मैदान से लगे हायर सेकेंडरी स्कूल और बुनियादी शाला के पास अपना कोई अलग से बड़ा खेल मैदान नहीं है।

स्कूल के सैकड़ों बच्चे इसी खुले मैदान पर खेलते हैं और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। एक बंद बॉक्स बनाकर मैदान का दायरा सिकोड़ देना इन स्कूली बच्चों के बचपन और खेल अधिकारों पर सीधा प्रहार है।