विनोद जैन 
बालोद । आज पूरे देश में भगवान महावीर के जन्म कल्याणक का पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। जैन समाज के लोगों ने इस पावन अवसर पर मंदिर एवं स्थानक भवनों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया। वहीं सुबह प्रभात फेरी भी निकाली गई जिसमें जैन समुदाय के सैकड़ों लोग शामिल हुए
सुबह से ही जैन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गईं, जिनमें भगवान की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं वहीं जैन युवा शक्ति के सदस्यों द्वारा जीवदया की थीम पर आकर्षक झांकी निकाली जो लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता रहा भक्तों ने “जीओ और जीने दो” तथा अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। भगवान महावीर के उपदेशों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा—को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। वहीं 7 दिवसीय अनेक धार्मिक आयोजन स्थानीय महावीर स्कूल परिसर में आयोजित हुआ जिसमें जैन रामायण एवं मोक्ष कल्याणक जैसे नाटकीय कार्यक्रम से लोग ओतप्रोत हुए शाम समाज के लोग सामूहिक प्रतिक्रमण किए वहीं जैन युवा शक्ति द्वारा 7 दिन शहर के अलग अलग स्थानों चौक चौराहों पर शीतल पेय आदि का वितरण आमजनों के लिए किया गया गौशाला में महाजीव दया का आयोजन भी किया गया इस अवसर पर समाजसेवा के अनेक कार्य भी किए गए
स्थानीय प्रशासन ने भी शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
भगवान महावीर का जन्म कल्याणक हमें यह संदेश देता है कि हम अपने जीवन में शांति, संयम और अहिंसा को अपनाकर समाज में प्रेम और सद्भावना का वातावरण बनाएं। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जैन समाज के वरिष्ठजन महिलाएं युवा वर्ग बालिका वर्ग शोभायात्रा में शामिल रहे युवा वर्ग सफेद पोशाक एवं महिलाएं लाल केसरिया साड़ी पहनी नजर आई अनुशासित ढंग से शोभायात्रा निकाला गया शहर में सजावट भी किया गया
