@ अभिषेक सिंह ठाकुर
दुर्गूकोंदल। मितानिनों को गर्भवती में खतरे के लक्षण, स्तनपान, नवजात बच्चों को गर्म रखना, कंगारू विधि, सुरक्षित गर्भपात, महिलाओं से होने वाले भेदभाव, बीपी, सूगर, मिरगी, सिकलसेल, एनीमिया, बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर देखभाल, एचाईवी एड्स, दुर्घटना बचाव के संबंध में विकासखंड दुर्गूकोंदल के मितानिनों को ट्रेनिंग दी जा रही है। समन्वयक निर्मला नाग, चंद्रिका पटेल, पार्वती सोरी ने बताया कि मितानिन स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाती हैं। मितानिनों के कार्य से स्वास्थ्य के क्षेत्र में शत प्रतिशत जन जागृति आई है। जन्म दर और मृत्यु दर में कमी आई है, गांव में कोई भी बीमार हो मितानिन दवापेटी से दवाई लेकर प्राथमिक उपचार कराते हैं, यदि बीमार की लक्षण अधिक हो तो मितानिन अस्पताल जाने प्रेरित करते हैं। ट्रेनर जयंती मंडल, सावित्री कुलदीप, गीता देहारी, अपर्णा हास, वनिता ठाकुर, केशर सिन्हा, शांति कल्लो, कचरा वट्टी, चंदर नायक ट्रेनिंग दे रहे हैं।
