चंद्रहास वैष्णव 
धान उपार्जन वर्ष 2024-25 के दौरान बस्तर जिले के संग्रहण केंद्रों में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप सामने आया है। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष श्री सुशील मौर्य ने 4 फरवरी 2026 को ईओडब्ल्यू/एसीबी कार्यालय में आवेदन देकर संग्रहण केंद्र नियानार, बिरिंगपाल एवं छोटे देवड़ा में भंडारित धान के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायत की है।
शिकायत में बताया गया है कि जिला कांग्रेस कमेटी को खराब धान की शिकायतें मिलने के बाद एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति द्वारा स्थलीय निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि भंडारित धान का स्टेगिंग एवं रख-रखाव नियमों के अनुरूप नहीं किया गया। आरोप है कि तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी श्री राजेन्द्र ध्रुव तथा संग्रहण केंद्र प्रभारी श्री बाल्मिकी तारम, श्री हेमप्रकाश भूआर्य एवं श्री शिवेश मिश्रा द्वारा घोर लापरवाही बरती गई।
आवेदन के अनुसार, किसानों को धान का नियमानुसार राइस मिलर्स को परिदान नहीं किया गया, जिसके कारण वर्ष 2025-26 के दौरान संग्रहण केंद्रों में लगभग 2,62,633.39 क्विंटल धान सड़ गया। इस धान की अनुमानित कीमत रख-रखाव सहित करीब 300 करोड़ रुपये बताई गई है। शिकायतकर्ता ने इसे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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