आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के हड़ताल पर सरकार सख्त दिखाता है भूपेश सरकार तानाशाह हो गई -कोमल हुपेंडी,प्रदेश अध्यक्ष, आप।

@ दीपक विश्वकर्मा

*आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हड़ताल बंद न करने पर वेतन रोकने और नौकरी से निकालने का आदेश जारी हड़ताल कुचलने की कोशिश -कोमल हुपेंडी,प्रदेश अध्यक्ष*

आप प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने आज रोष भरे शब्दों में कहा कि आज
महिला बाल विकास विभाग ने जारी आदेश जारी कर दिया है कि 48 घँटे के भीतर काम मे वापस लौटने का नोटिस दे दिया है । आदेश के अनुसार यदि कर्मचारी वापस काम में नही लौटती हैं तो पद से हटाने की कार्यवाही की जाएगी और साथ ही यदि हड़ताल करती हैं तो मानदेय का भुगतान लंबित रखा जाएगा।

आप पार्टी ने आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने को प्रशासनिक दादागिरी निरूपित करते हुए कहा है कि अब छत्तीसगढ़ सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, के बाद बेटी भगाओ में तुल गई है। प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिलाएं सरकार बनने के बाद से कलेक्टर दर पर वेतन का भुगतान, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर पदोन्नति तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला बाल विकास में रिक्त महिला पर्यवेक्षक के पद पर शत प्रतिशत पदोन्नति देने की मांग की थी। जिसे तत्कालीन जन घोषणा समिति के संयोजक श्री टी एस सिंहदेव ने उन्हें आश्वस्त किया था, कि उनकी सरकार बनेगी तो पूरा किया जाएगा। आज अल्प वेतन में जन्म से मृत्यु तक 16 प्रकार के कार्य प्रदेश की महिलाएं करती है। लेकिन सरकार लगातार इनका शोषण कर रही है। आंदोलनकारी महिलाएं पूरे प्रदेश के जिलों में धरना देकर गगनभेदी नारे लगा रही हैं ना वेतन है ना पेंशन है दुनिया भर का टेंशन है। आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से मांग की है कि आंदोलनकारी नारी शक्तियों का सम्मान करते हुए चर्चा के माध्यम से महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया समस्या का निदान करें। अन्यथा आगामी 2023 के चुनाव में यह नारी शक्ति दिल्ली बदलीश, पंजाब बदलीश, अब बदलबो छत्तीसगढ़ की नीति को अपनाएंगे।

प्रदेश के हर गांव से ग्रामवासियों के प्यार और निरंतर सहयोग से एक ईमानदार सरकार बनाने का निश्चय अब प्रदेश वासी आम आदमी पार्टी को अवसर दे कर पूरा करने का मन बना चुके है।

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