चंद्रहास वैष्णव
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक 2025 के भव्य समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने संकल्प लिया है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश सहित बस्तर से नक्सलवाद का पूर्णतः अंत कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक 2026 नक्सलमुक्त बस्तर में आयोजित होगा और यह क्षेत्र शांति व विकास का प्रतीक बनेगा।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगले पांच वर्षों में बस्तर संभाग को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। इसके तहत हर गांव को सड़क, बिजली, पेयजल, बैंकिंग सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि बस्तर में अत्याधुनिक अस्पताल, उच्च शिक्षा संस्थान, खेल संकुल, डेयरी और वन उपज आधारित उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक 2025 में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो पिछले वर्ष की तुलना में ढाई गुना अधिक है। महिलाओं की भागीदारी में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। खास बात यह रही कि 700 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली युवाओं ने भी खिलाड़ियों के रूप में भाग लिया, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने हथियार छोड़कर खेल और विकास का मार्ग चुना है, उन्होंने भय की जगह आशा और विनाश की जगह विकास को अपनाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के विकसित बस्तर के संकल्प की सच्ची तस्वीर है।
अमित शाह ने समाज प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील की कि वे अब भी हथियार उठाए बैठे युवाओं को समझाकर मुख्यधारा में लाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है और आत्मसमर्पण करने वालों के लिए सरकार आकर्षक पुनर्वसन योजनाएं लेकर आएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में देश का नाम रोशन करेंगे और बस्तर भय नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य का पर्याय बनेगा।
