चंद्रहास वैष्णव 
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट द्वारा निर्वाचन आयोग पर लगाए गए आरोपों को बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने “हार की बौखलाहट” और “लोकतंत्र को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश” बताया है। सांसद कश्यप ने कहा कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमज़ोरियों को छुपाने के लिए लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती रही है, जबकि देश जानता है कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था है।
सांसद कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को अपनी संभावित पराजय स्पष्ट दिख रही है, इसलिए वह मतदाता सूची, ईवीएम और आयोग की प्रक्रियाओं पर आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि “जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, वह चुनाव आयोग और ईवीएम को कटघरे में खड़ा कर लोकतंत्र को बदनाम करने का प्रयास करती है। आदिवासी–दलित मतदाताओं के नाम काटने जैसी बातें तथ्यों पर आधारित नहीं बल्कि राजनीतिक अफवाहें हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बंद कर अपनी कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
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“देश में किसी भी अवैध घुसपैठिए को वोट देने का अधिकार नहीं” — कश्यप
घुसपैठियों से जुड़े सवाल पर सांसद कश्यप ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का रुख स्पष्ट है—
“देश के किसी भी हिस्से में अवैध घुसपैठिए को मताधिकार का अधिकार नहीं होना चाहिए। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।”
उन्होंने सचिन पायलट के ‘वोट चोरी के सबूत’ संबंधी दावों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करें और न्यायालय में पेश करें, न कि बिना तथ्य के जनमानस को भ्रमित करें।
सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से घुसपैठियों पर नरमी बरतने वाली पार्टी रही है, जबकि भाजपा नागरिकता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
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“लोकतंत्र बचाने की बातें कांग्रेस का पाखंड” — कश्यप
महेश कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र बचाने की बातें कांग्रेस को शोभा नहीं देतीं, क्योंकि स्वयं कांग्रेस ने अपने शासनकाल में आपातकाल थोपकर नागरिक अधिकारों का दमन किया था।
उन्होंने कहा—
“जनजाति समाज के विकास में कांग्रेस का कोई योगदान नहीं रहा। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने जनजाति समाज की सुरक्षा और विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाकर ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज जब जनता कांग्रेस को लगातार नकार रही है, तब वह लोकतंत्र बचाने का नारा देकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है।”
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निर्वाचन आयोग से संज्ञान लेने की मांग
सांसद कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के गैर-जिम्मेदाराना बयानों से जनता भ्रमित हो रही है, इसलिए निर्वाचन आयोग को इन आरोपों का संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर पूरा भरोसा है।
अंत में उन्होंने कहा—
“कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए। निराधार आरोप लगाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
