
दीपक विश्वकर्मा
उमरिया जिले के विकासखंड करकेली के ग्राम पंचायत डगडौआ स्थित बिरसा मुंडा खेल परिसर में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किया गया मंच पर स्वागत, सम्मान और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद माहौल उत्साहपूर्ण नजर आया मंच से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संबोधन भी होते रहे लेकिन जैसे ही मुख्य कार्यक्रम समाप्त हुआ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव प्रसारण शुरू हुआ, दृश्य अचानक बदल गया कार्यक्रम में लगी कुर्सियों पर अच्छी-खासी भीड़ मौजूद थी, मगर प्रसारण शुरू होते ही धीरे-धीरे लोग मैदान से निकलने लगे कुछ ही मिनटों में अधिकांश कुर्सियां खाली दिखने लगीं। एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री का उद्बोधन जारी था, लेकिन सामने दर्शक नहीं थे मैदान की पंक्तियों में रखी खाली कुर्सियां ही प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनती रहीं लोगों का कहना था कि वे समारोह के सांस्कृतिक और औपचारिक हिस्से के लिए आए थे, लेकिन लाइव भाषण सुनने में ज्यादा रुचि नहीं दिखी कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पंचायत स्तर के कर्मचारी शामिल थे, लेकिन लाइव प्रसारण शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में जिम्मेदार लोग भी परिसर से निकलते नजर आए। इससे यह सवाल उठने लगा कि आखिर इतना बड़ा आयोजन करने के बाद भी लाइव प्रसारण के दौरान उपस्थित लोगों की संख्या क्यों नहीं बनी रही इस घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंजीनियर विजय कोल ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी विकास फंड का पैसा इस तरह के बड़े आयोजनों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि यह राशि सीधे आदिवासी समाज के विकास पर लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब पहले जैसी उत्सुकता से प्रधानमंत्री के संदेश नहीं सुन रही, और यह मैदान में खाली कुर्सियों की तस्वीरों से साफ दिखा सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में रहा। लाइव प्रसारण के दौरान खाली कुर्सियों का वीडियो तेजी से वायरल हो गया। कई प्लेटफार्म पर लोग कार्यक्रम की योजना और व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री का भाषण चल रहा है और सामने पूरी पंक्तियाँ खाली पड़ी हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला स्तरीय कार्यक्रम में भीड़ इकट्ठी करना मुश्किल नहीं होता, लेकिन भीड़ को अंत तक बनाए रखना चुनौती थी कुछ ग्रामीणों ने यह भी जताया कि आयोजकों ने कार्यक्रम के समय और संरचना को लेकर बेहतर योजना बनानी चाहिए थी बिरसा मुंडा खेल परिसर में हुए आयोजन के बाद जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए, उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी सोचने पर मजबूर किया है। सवाल यह नहीं कि कार्यक्रम में कितने लोग आए, बल्कि यह है कि जब प्रधानमंत्री का उद्बोधन शुरू हुआ तो भीड़ क्यों नहीं ठहरी डगडौआ का मैदान एक बड़े सरकारी आयोजन का गवाह बना, लेकिन लाइव प्रसारण के दौरान कुर्सियों का खाली रह जाना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
