
@अभिषेक सिंह ठाकुर
भानुप्रतापपुर- नगर के सबसे प्राचीन प्रतिष्ठित विद्यालय विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर में भैया – बहिनों की सर्वांगीण विकास के लिए प्रति शनिवार को बाल सभा का आयोजन किया जाता है। जिसमें भैया – बहनें गीत, भाषण, एकल अभिनय, कविता, नृत्य, चुटकुले का व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से प्रस्तुति देते हैं। कार्यक्रम में भैया – बहिनों से ही मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशेष अतिथि का नियुक्ति की जाती है और सुचारू रूप से संचालन किया जाता है। प्रत्येक सप्ताह अलग अलग भैया – बहिन बाल सभा में हिस्सा लेते हैं। इसी प्रकार आज दिनांक – 11 फरवरी दिन – शनिवार को विद्यालय के बाल सभा में मुख्य अतिथि के रूप कक्षा एकादश के भैया दानेंद्र पुरामे, अध्यक्षता भैया तुषार शर्मा, विशेष अतिथि बहिन फाल्गुनी शोरी विराजमान थे। बहिन धनुमिता kosma अतिथियों का तिलक वंदन से स्वागत किए। कक्षा नवम के भैया हर्ष जैन और बहिन ईशा सिन्हा के सफल संचालन से इस सभा का आयोजन किया गया। अनेक विधाओं में भैया नीलकमल निषाद के शानदार शायरियों ने सभा का माहौल बना दिया था। बहिन जान्हवी शिंदे के शिक्षाप्रद कविता का प्रदर्शन अदभुत रहा। विद्यालय के प्राचार्य श्री थानुराम सिन्हा जी का कहना है कि बाल सभा के आयोजन से भैया – बहिनों का नेतृत्व विकास होता है। जो कि उनके भविष्य के लाभकारी होता है। जिससे किसी भी क्षेत्र में वे पूर्ण रूप से हिस्सेदारी लेकर उत्तम प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी अंदर छुपी हुई प्रतिभा एक प्रारंभिक मंच के माध्यम से सामने आती है। कक्षा अरूण से द्वादश तक के भैया – बहिन बाल सभा के माध्यम से अपने कला का प्रदर्शन करते हैं। भैया – बहिनों का मंच में जाने का भय दूर करने का सबसे अच्छा और बेहतरीन तरीका है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि बहिन फाल्गुनी शोरी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिए भईया – बहिनों का उत्साहवर्धन किया। अध्यक्षता भैया तुषार शर्मा ने हर विधाओं का बखूबी से तारीफ किया। मुख्य अतिथि भैया दानेंद्र पुरामे ने दर्शकरूपी भईया – बहिनों को ऐसे कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा लेते रहने और अपना मनोबल बढ़ाते रहने की बात कहा। इस कार्यक्रम में विद्यालय के भैया – बहिन, विद्यालय प्राचार्य एवं समस्त आचार्य – दीदियां उपस्थित थे।
