विनोद जैन
बालोद । शहीद वीर नारायण सिंह बस स्थानक छग के मॉडल बस स्थानक के रूप में जाना पहचाना जाता था यहां की व्यवस्था की हर जगह चर्चा भी होती थी समय और सत्ता परिवर्तन के साथ ही यहां व्यवसाय करने वालो ने बेखौफ दुकानों की सीमा से काफी बाहर तक कब्जा कर सामाग्री निकालना शुरू किया जिसके बाद से यह खूबसूरत बस स्थानक की तस्वीर बदली बदली नजर आने लगी है वहीं बस स्थानक के मुख्य यात्री प्रतीक्षालय में बस के इंतजार में बैठने वाले यात्रियों के बैठने की सुगम व्यवस्था भी नही है व्यापारियों द्वारा कब्जा कर इस प्रतीक्षालय को छोटा बना दिया गया है ऊपर से प्रतीक्षालय के अंदर ही अब लोग अपने वाहन सायकल आदि भी रखने लगे हैं सामानों को दुकानों से बाहर रखने के कारण लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं वहीं बस स्थानक के सीढ़ियों के सामने भी ठेला खोमचा वालो के कारण आने जाने में कठिनाई होती है इन सबके बाद भी नगर पालीका प्रशासन इस तरफ ध्यान नही दे रही है जो जहां पाए वहां कब्जा कर व्यवसाय कर रहे हैं बाद में हटाने पर यही लोग व्यवस्थापन की मांग भी करने लगते हैं जबकि पालीका के बिना अनुमति के यह लोग अपने तरीके से कब्जाकर व्यवसाय कर रहे हैं अव्यवस्था का आलम इतना है कि लोग प्रतीक्षालय की बजाय बाहर खड़े रहने मजबूर रहते हैं वहीं प्रतीक्षालय में लगे पंखे भी दम तोड़ चुके हैं कुछ पंखे तो बन्द पड़े हैं यात्री गर्मी में यहां बैठने मजबूर रहते हैं साफ सफाई की व्यवस्था भी यहां चरमराई हुई है अब देखना होगा नया परिषद और पालीका कि टीम व्यवस्था को किस हद तक सुदृढ कर पाते हैं
