चंद्रहास वैष्णव
जगदलपुर
लगातार जगदलपुर में आदिवासियों के जमीन को घोटाले स्वरूप बेचने के कई मामले आ रहे है इसी क्रम में करोड़ों के जमीन घोटाले के मामले में जगदलपुर पुलिस ने 7 आरोपियों को जेल भेज दिया है मगर एक बात जगदलपुर पुलिस के बड़े अधिकारियों पर सवाल खड़ा करते नजर आ रही है जिसमें आदिवासी की जमीन बेचने के मामले में आरोपियों को बचाने का बड़ा खेल का आरोप पुलिस पर जनता लगा रही है।मामले में
जिन 7 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है वे मामले में सिर्फ प्यादे मात्र है बड़ा लेनदेन तो एक बड़े कपड़ा कारोबारी ने किया, जो अभी भी कानून के पकड़ से बाहर है।
पूरे पुलिस महकमे में चर्चा है कि सिंडिकेट के मास्टरमाइंड कपड़ा कारोबारी को पुलिस विभाग के एक बड़े अफसर की सह पर छोड़ा गया है।
जमीन घोटालों में आरोपियों को बचाने के आरोप पहले राजस्व विभाग पर लगा करते थे ,लेकिन पहला मौका हैं जहां यह आरोप पुलिस पर लग रहा है।
बचाए गए आरोपी के द्वारा सोलर प्लांट के नाम पर भी आदिवासीयो को ठगने की तैयारी थी।
पहले भी करोड़ों की जमीन के फर्जीवाड़ा का मामले में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी……
विगत तीन-चार महीने पहले जगदलपुर के फ्रेजरपुर में भी जमीन के करोड़ों के घोटाले के मामले सामने आए थे जिसमें राजनैतिक पार्टी से जुड़े और भूमाफियाओं की भी लेनदेन होने की FIR बोधघाट पुलिस थाने में दर्ज हुई थी जिसमें घोटाले में संलिप्त सारे अपराधियों को पुलिस पकड़ने में विफल रही थी।इसके बाद आरोपियों द्वारा हाई कोर्ट से अपनी जमानत करवाकर बेल पर छूट गए।
