@ आयुष श्रीवास्तव
एंकर – अखिल भारतीय नौजवान सभा, अखिल भारतीय छात्र संगठन एवं अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के द्वारा जिले के ब्लाॅक माकड़ी में भूमकाल दिवस मनाया गया। उक्त सम्बन्ध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी देते बताया गया है कि जिले के ब्लॉक माकड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तमरावण्ड खुटबेड़ा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अनुषांगिक संगठनों अखिल भारतीय नौजवान सभा, अखिल भारतीय छात्र संगठन एवं अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के द्वारा भूमकाल दिवस मनाया गया। इस दौरान आदिवासियों के हक, अधिकारों के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भूमकाल आंदोलन की शुरुआत करने और अपनी कुर्बानी देकर शहीद होने वाले वीर षहीद गुंडाधुर के छायाचित्र पर माल्यार्पण करके उनके ऐतिहासिक कार्यों को याद करके वीर षहीद गुंडाधुर को नमन किया गया और साथ ही षपथ लिया गया कि यदि वर्तमान में भी आदिवासियों के साथ उक्त तरह ही अत्याचार, दमन और षोशण किया गया तो संगठनों से जुड़े सभी सदस्य वीर षहीद गुंडाधुर के दिखाए मार्ग पर चलने से नहीं हिचकेंगे। जयप्रकाश, बिसम्बर व दिनेश के द्वारा आदिवासी जननायक वीर शहीद गुंडाधुर के जीवन परिचय से उपस्थितजनों को अवगत कराते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के आदिवासी जननायक वीर शहीद गुंडाधुर जिन्होंने आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ा था, आदिवासियों के प्रेरणा स्रोत हैं जिनको बस्तर के आदिवासी देवता की तरह पूजा करते हैं और हर साल 10 फरवरी को भूमकाल दिवस के रूप में मनाते हुए वीर शहीद गुंडाधुर को याद कर श्रद्धांजलि देते हैं।
एक ओर देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर, पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, लेकिन वहीं दूसरी ओर आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के आदिवासियों के साथ कहीं न कही दुव्र्यवहार व शोषण आज भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में अखिल भारतीय नौजवान सभा, अखिल भारतीय छात्र संगठन एवं अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के जयप्रकाश नेताम, बिसम्बर मरकाम, दिनेश मरकाम, अनिल नायक, सोमारू गावडे, सलित मंडावी, मासोराम नाग, समलूराम कोर्राम, ओमप्रकाश नाग, संतोष नेताम, संतुराम यदाव, सावंत बघेल, चरनसिंह मरकाम, रामसिंह शोरी, मुनाराम शोरी, तातुराम नेताम आदि सहित अन्य ग्रामीणजन काफी संख्या में उपस्थित रहे।
