@ भरत भारद्वाज
कोंडागांव – बदहवास व फटे कपड़ों में अपने अधिकार के लिए दर- दर भटकता यह शख्स एक रेंज अफसर है फॉरेस्ट विभाग का, जिस प्रकार वन मंत्री 4 वर्षों से बस्तर नहीं पहुंच सके वैसे ही उक्त शख्स की फाइल भी रायपुर से कोंडागांव महज 226 किलोमीटर की दूरी 4 साल में भी तय सफर नही कर सकी,जिसका खामियाजा भोगते फॉरेस्ट विभाग का एक रेंजर 4 वर्षों से अपनी तनख्वाह के लिए भटक रहा है।
वहीं विभागीय अधिकारी खानापूर्ति करते केवल पत्राचार करते अपने कर्तव्यों से मुक्त हो गए हैं।
जानकारी अनुसार जफर खान, वनक्षेत्रपाल को अनिवार्य सेवा निवृत्ति पश्चात् सेवा में पुनः बहाली शासन के द्वारा की गई थी जिसके बाद 07 दिसम्बर 2018 से आज पर्यन्त तक वे अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन 48 माह बीत चुके है लेकिन उन्हें अब तक वेतन का भुगतान नही किया जा सका है जबकि कुछ राशि समायोजन करते हुए अवशेष वेतन का भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
वही जफर खान ने कहा कि 2018 से अब तक 50 माह से उनका वेतन वेतन वनमण्डल कार्यालय द्वारा अनावश्यक कार्यालयीन पत्राचार कर भुगतान नही किया जा रहा है। जिसके चलते 04 वर्षों से वेतन नहीं मिलने के कारण में वे लगभग ” भूखों मरने एवं भीख मांगने पर विवश हो गए है। अब देखने वाली बात है कि कर्मचारी वह जन हितेषी बात करने वाली प्रदेश की सरकार उक्त मामले में किस प्रकार की कार्यवाही करती है।
