विनोद जैन
बालोद । जिला मुख्यालय बालोद के बुधवारी बाजार का यह नजारा बुधवार और रविवार को बाजार उठने के बाद आसानी से देखा जा सकता है जिधर देखो उधर सड़े गले सब्जी के अवशेष एवं दुकानदारों के द्वारा फेके जाने वाले कचरे दिखाई पड़ जाते हैं बाजार व्यवस्थापन की मांग करने वाले इस बाबत आक्रोशित मन से जनप्रतिनिधियों एवं पालीका के अधिकारियों कर्मचारियों पर कुम्भकर्णीय नींद में रहने का आरोप भी गाहे बगाहे लगाते रहते हैं बाजार व्यवस्थापन को लेकर बहुत से लोगो ने जान समस्या निवारण शिविर में भी आवेदन दिया था पर समस्या जस की तस आज भी दिखाई पड़ती है जनसमस्या निवारण शिविर से इस बाबत कोई लाभ लोगो को नही मिला आसपास के रहवासी इन कचरों से उठने वाले बदबू तथा कूड़े करकट का ढेर देखते ही आक्रोशित हो उठते हैं पर उन्हें भी ज्ञात होता है आक्रोशित होने से भी कोई फायदा नही है क्योंकि ये ढर्रा चलता ही रहने वाला है लोगो की माने तो बालोद जिला मुख्यालय में लगने वाले बुधवार और रविवार को बाजर लगने से पहले निश्चित चिन्हाकित स्थानों में ई रिक्शा या छोटा हाथी कचरा गाड़ी पालीका द्वारा रखवाए जाने पर इस तरह का नजारा देखने नही मिलेगा इसका सुझाव भी लोगो ने पालीका प्रशासन को कई बार दिया है मगर व्यवस्था में सुधार होता नही दिख रहा है जिससे वार्डवासी काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं हालांकि रात भर कचरा एवं सड़े गले अवशेष सुबह उठा लिया जाता है पर रात में टहलने निकलने वालो को नाक मुंह बंद करके निकलने मजबूर भी होना पड़ता है
