ब्यूरो रिपोर्ट
कांकेर जिले के चारामा विकासखंड को अच्छी पैदावार के कारण सीताफल का गढ़ कहा जाता है । यहां के अधिकतर गांवों में सीताफल की फसल बेहद अधिक मात्रा में होती है । महिने भर से आसपास के ग्रामीण प्रतिदिन चारामा से राजधानी रायपुर तक में सीताफल का अच्छा खासा कारोबार कर रहे हैं । नगर के सब्जी बाजार एवं बस स्टैंड के ठीक सामने भी ग्रामीण क्षेत्रों से सीताफल बेचने भारी संख्या में महिलाएं पहुंच रही हैं जो कि सुबह से शाम रात तक फल बेचने का काम कर रही हैं । क्षेत्र में अधिक फसल होने के कारण बाहर से भी सीताफल खरीदने वाले कोचिए बड़ी बड़ी मालवाहक वाहनों में अंदरूनी गांवों तक पहुंच रहे हैं । मांग अधिक होने के कारण मौसमी सीताफल की कीमतों में कोई कमी नही आ रही है । सीताफल भी स्वास्थ्य वर्धक फलों में शामिल है । जानकार बताते हैं कि यह फल शरीर के पाचन शक्ति को बढ़ाने,शरीर को शीतलता प्रदान करने के साथ-साथ कई तरह के उदर विकारों को ठीक करने में लाभदायक होता है । गांवों के साथ अब शहरों में भी इस फल का व्यावसायिक उपयोग होने लगा है । सीताफल से लोग अब जूस व आईसक्रीम जैसी पसंद की चीजें बनाने का काम कर रहे हैं ।
