यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
कोंडागांव। परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के द्वितीय पुत्र महान प्रतापी बलिदानी राजा गुरु बालक दास साहेब जिन्हें 18 वीं सदी सन 1820 में एकाद्शीय के दिन राज्याभिषेक अर्थात राजा की पदवी से सुशोभित किया गया था। राजा बनने की खुशी व याद में 100 गवा सतनामी समाज स्थापना एवं धर्मसभा संसद के प्रथम परिसीमन कोंडागांव के तत्वावधान में प्रतिवर्ष राजा मेला का आयोजन ग्राम कुसमा में आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी 13 अक्टूबर 2024 को ग्राम कुसमा में आयोजित है जिसमे 100 गांव के सतनामी समाज बच्चे महिला पुरुष हजारों की संख्या में एकत्रित होंगे और राजा बनने के ऐतिहासिक क्षण को सांस्कृतिक रूप से खुशहाली मनाएंगे। प्रथम परिसीमन कोंडागांव के ग्राम कुसमा एकादशी राजा मेला में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी जी का आगमन हो रहा है अध्यक्षता के रूप में लखमु राम टंडन प्रधान संयोजक 100 गवा सतनामी समाज स्थापना एवं गुरुद्वारा धर्म सभा सांसद करेंगे एवं 100 गांव के सतनामी समाज के प्रमुखगण विशिष्ट अतिथि होंगे। राजा मेला में मुख्य आर्कषक के रूप में सुप्रसिद्ध पंथी, पंडवानी गायिका व ज्ञान स्रोत कलामंच पदमश्री डॉ श्रीमती उषा बारले जी भिलाई दुर्ग की प्रस्तुति होगी, इनके कार्यक्रम को लेकर समाज में हर्ष व्याप्त है। गौरतलब है कि उन्हें इसी वर्ष शासन द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया है इस कारण उन्हें सुनने समाज के लोग आतुर है।
ज्ञात हो कि इस वर्ष 100 गवा सतनामी समाज के तत्वावधान में भारतवर्ष में 55 स्थानो पर राजा मेला का आयोजन किया जा रहा है। राजा मेला समिति के संयोजक सुरेश बघेल, धँसराज टंडन हरिश्चंद्र डहरे, सहित समाज के लोग तैयारी में लगे हुए है। धँसराज टण्डन ने राजा मेला के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि मेला के सफल आयोजन हेतु शासन प्रशासन को भी सूचना एवं संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन को पत्र दिया गया है। इसके अलावा धार्मिक कार्यक्रम होने के कारण जिला आबकारी विभाग को भी निवेदन किया गया है कि गांव में शुष्क दिवस घोषित किया जावे। इसी के साथ पीडब्ल्यूडी, आरईएस व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से निवेदन किया गया है कि सड़क, आवागमन के जहाँ गड्डे है, सड़क किनारे मुरुम मिटटी व पेयजल सुविधा इत्यादि जन सुविधा के लिए महत्वपूर्ण जरूरी कार्य करने अपील की गई है।
