प्रगतिशील लेखक संघ का पांचवा राज्य सम्मेलन शुरू, आज निकाली जाएगी सांस्कृतिक रैली


@ यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ के पांचवा राज्य सम्मेलन का शुभारंभ आज एक समारोह में किया गया। शहर के वंदेमातरम स्थल चौपाटी मैदान में आयोजित समारोह में देश भर के ख्यातीनाम साहित्यकार शरीक हुए। कार्यक्रम स्थल में तरांदुल के लोकलाकारों ने बस्तर के प्रसिद्ध मांदरी नृत्य का प्रदर्शन किया। इसके बाद भिलाई इप्टा के कलाकारों ने आप कौन चीज के डायरेक्टर हैं नाटक का मंचन किया। शहर के पीजी कालेज के छात्रों ने नाटक चीख का मंचन किया। कार्यक्रम स्थल में बस्तर आर्ट प्रदर्शनी के अलावा पुस्तक मेला तथा पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। मंच से पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। रात को 9 बजे से काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें देशभर के साहित्यकारों ने रचना पाठ किया।

इससे पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष विभूतिनारायण राय के आतिथ्य में आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ प्रलेस महासचिव नथमल शर्मा ने स्वागत अभिनंदन कर साथियों के साथ कविता पाठ से बैठक प्रारंभ की। राष्ट्रीय महासचिव सुखदेव सिंह सिरसा ने कहा आगामी बैठक माह अगस्त जो हरिशंकर परसाई जी के जन्म शताब्दी वर्ष की शुरुआत भी है में मध्यप्रदेश के जबलपुर में कराने के निमंत्रण को स्वीकार किया गया है। अध्यक्ष मंडल के साथी राजेंद्र राजन ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लिए पूर्व के फैसले के हवाले से कहा प्रदेश के साथियों को अपनी रचनाओं के माध्यम से फासीवाद का पुरजोर विरोध करना चाहिए। आज जरूरत है लोकतंत्र को बचाने हम एकजुट होकर लड़ें। सांस्कृतिक साझा मोर्चा बनाने पर बल दिया। प्रलेस की वैचारिक प्रतिबद्धता और लेखक की दायित्व पर विचार विमर्श किया गया। सभी ने देश दुनिया में चल रहे हालातों का हवाला देते कहा इस जटिल समय का मुकाबला हमें अपनी रचनात्मक सक्रियता के साथ करना होगा। विचारक वीरेंद्र यादव ने कहा हमें सामान्य समझ बनानी चाहिए कि फासीवाद से मुकाबला मिलकर करें। बैठक में राजेंद्र शर्मा, संजना श्रीवास्तव, सेवाराम त्रिपाठी, शैलेश सैली, आशीष त्रिपाठी, डॉ मोहनदास, लोक बाबू, पूनम सिंह, सुनीता गुप्ता, सारिका, खालिद साहब, संजय श्रीवास्तव, तरुण गुहा नियोगी, ज्ञानचंद बागड़ी, सुरजीत सिंह, जज हरविंदर सहित अन्य सदस्य ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

वैचारिक सत्र में वक्ता उर्मिला शुक्ला ने कहा हमें यथार्थ लिखने की ओर अग्रसर होना होगा। पथिक तारक ने अपने विचारों में लेखन का दायित्व को सार्थक करने पर जोर दिया। डॉ राकेश तिवारी ने कहा प्रगतिशील तत्व जो उदासीन हो चुके हैं उन्हें उठाने की जरूरत पर बल दिया। हर्ष सिंह ने समकालीन परिदृश्य को रखते अपने विचारों में सामाजिक बदलाव की ओर समाज हित में बाधक बन रही सामाजिक विनीता को दूर करने की बात कही। सीआर बक्सी ने धार्मिक स्वतंत्रता पर बल दिया। अध्यक्ष मंडल के मुमताज भारती ने अपने विचारों में कहा हर वह नागरिक जिसने समाज के सफल उठाई है, जिसमें शिक्षक डॉक्टर वकील पुलिस जैसे अन्य वर्ग उन सभी का साझा दायित्व है सभी के धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान में हो रहे अधिकारों के हनन को बचाने आगे आएं। वैचारिक सत्र संचालन प्रलेस संघ जिला इकाई कांकेर के अध्यक्ष सुरेशचंद श्रीवास्तव और आभार छत्तीसगढ़ प्रलेख संघ के संंगठन सचिव परमेश्वर वैष्णव ने किया।

आज सांस्कृतिक रैली

सम्मेलन के दूसरे दिन सांस्कृतिक रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली 5 फरवरी को सुबह गांधी उधान से शुरू होकर शहर के मेनरोड का भ्रमण करते कार्यक्रम स्थल पहंुचेगी। दूसरे दिन वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। 5 फरवरी को अपरांह 3 बजे सम्मेलन का समापन होगा।

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