विनोद जैन
छत्तीसगढ़ राज्य के डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरि तीर्थ में बीती देर रात 2:35 बजे दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य श्रीविद्यासागर महाराज ने अपना शरीर त्याग दिया। वह लगभग छह माह से डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी में ससंघ रुके हुए थे और पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। बीती रात 2:35 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। आज उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 1 बजे पंचतत्व में विलिन किया जाएगा। विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डोंगरगढ़ पहुंचकर जैनाचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन किए थे। विख्यात जैन संत के दिवगंत होने से समूचे जैन और अजैन समाज में शोक की लहर है। आचार्य जी के समाधिस्थ होने पर जैन श्री संघ के अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन ने कहा कि जैनाचार्य भगवन केवल जैन समाज मे ही नही अपितु भारतवर्ष के अनेकानेक जैनों के बीच भी विख्यात थे अपनी मधुरता से लोगो मे अहिंसा करुणा और प्रेम फैलाने वालेआचार्य विद्यासागर जी महाराज के देवलोक गमन से समाज की बहुत बड़ी क्षति हुई है। इसकी भरपाई कर पाना असंभव है
