छत्तीसगढ़ की दो बहादुर बेटियों का होगा सम्मान

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@       योगेंद्र सिंह बैस

कांकेर जिले की कुमारी जम्बावती एवं महासमुंद जिले के छाया विश्वकर्मा को मिलेगा वीरता पुरस्कार
रायपुर / कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम भानबेड़ा, नदिया पारा की कुमारी जम्बावती भुआर्य को राज्यपाल अनुसुईया उइके द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कुमारी जम्बावती भुआर्य ने अपनी छोटी बहन कुमारी मोसिका को नदी में डूबने से बचाया था। कुमारी जम्बावती अपनी छोटी बहन के साथ अपनी मां श्रीमती धनेश्वरी के पास जाने के लिए डैम से नदी पार कर रही थी, इसी दौरान दोनों बच्चों का पैर फिसल गया तथा दोनों बच्चे नदी में जा गिरी। नदी में पानी अधिक होने के साथ-साथ छोटे-छोटे पौधे एवं झाड़ियां थीं, जिसे जम्बावती ने पकड़े रखा और अपनी छोटी बहन कुमारी मोसिका को भी पकड़े रखा तथा पानी के तेज बहाव से लड़ती रही। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर उसकी मां श्रीमती धनेश्वरी भुआर्य और पड़ोसियों ने डैम के पास जाकर देखा तथा उन्हें तत्काल बाहर निकाल कर ग्राम पंचायत के सरपंच जागेष्वर सिंह नरेटी एवं ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानबेड़ा में भर्ती कराया गया। इस प्रकार कुमारी जम्बावती भुआर्य ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी छोटी बहन कुमारी मोसिका की जान बचाई। उसकी इस वीरता के लिए एवं प्रदेश के राज्यपाल अनुसुईया उइके नके द्वारा गणतंत्र दिवस पर उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा ।
वहीं महासमुंद जिले के खल्लारी के छाया विश्वकर्मा ने पागल कुत्ते के अचानक हमले पर अपनी बड़ी बहन की प्राणों की रक्षा की थी । राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 353 स्थित स्टेशन पारा खल्लारी के वार्ड क्रमांक 14 निवासी रामचन्द्र विश्वकर्मा व केशरी विश्वकर्मा के पुत्री छाया विश्वकर्मा (15) ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अब गणतंत्र दिवस के मौके पर इन दोनो बेटियों को अदम्य साहस के लिए छत्तीसगढ़ की राज्यपाल के द्वारा समान्नित किया जाएगा ।

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