हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों ने शासन के काम वापसी के आदेश के छायाप्रति को जलाकर किया विरोध प्रदर्शन
भरत भारद्वाज ✍️
कोंडागांव – भूपेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ की शासकीयकरण के विषय मे किसी प्रकार का प्रावधान न किये जाने से नाराज होकर छ.ग. सचिव संघ के प्रांतीय आव्हान पर कोंडागांव जिले के सभी पंचायत सचिव संघ 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के पश्चात शासकीयकरण किये जाने की मांग को लेकर विगत 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। जिसके चलते जिले के जनपद अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायतों में ताला लग गया है।

पंचायतों को काम काज बंद हो गए हैं, पंचायत सचिवों का हड़ताल लगातार जारी है, सरकार इनको मांगों को पूरा नहीं कर रही है,सचिवों को समर्थन में विभिन्न कर्मचारी व राजनीतिक दल भी सामने आ रहे हैं इसके बादजुद सरकार मौन है, वही अपनी मांगों पूरा करवाने हर दिन अलग अलग तरह से सचिवों द्वारा प्रयास किया जा रहा है। सचिवों द्वारा हड़ताल पर बैठे अठारह दिन पूर्ण हो चुके है । वही छ.ग.शासन सयुक्त सचिव द्वारा हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों को 24 घंटे के अंदर काम में लौटने के संबंध में आदेश जारी किया गया है । जिससे सचिवों में नाराजी है, वही फरसगांव मुख्यालय में हड़ताल पर बैठे सचिवों ने आज 3 अप्रैल को हड़ताल स्थल पर आदेश के छायाप्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान फरसगांव ब्लॉक के सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण बघेल ने कहा की सरकार की तानाशी रैवाया से हम नही डरने वाले,हम इस बार आर पार की लड़ाई लड़ने हो तैयार है सरकार जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक हमारी हड़ताल जारी रहेगा,आगामी दिनों में हड़ताल स्थल पर सचिवों के द्वारा अनशन भी किया जाएगा ।
इस दौरान उमेश पांडे, कुमेंद्र पांडे, मोती चौहान, जयलाल जैन , कार्तिक नेताम, डमरु राम नाग, नारायण पांडे, बाबूचरण गांधी, रीना यादव, माधुरी नेताम, प्रमिला नेताम, सुबेन मरकाम सहित ब्लॉक के सभी सचिव उपस्थित रहे ।
