रायपुर / राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द हो जाने के बाद कांग्रेस अपना आक्रोश प्रदर्शन लगातार कर रही है , अब बूथ लेबल पर कांग्रेसी कार्यकर्ता इस मुद्दे को जनता तक ले जायेगी ।महात्मा गांधी के 1942 में किए करो या मरो थीम पर कांग्रेस अब इस विषय पर जनता के बीच जाएगी । राजीव भवन में मंगलवार को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदेश कार्यकारिणी, विधायकों, जिला अध्यक्षों और मोर्चा-प्रकोष्ठ के अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में राहुल गांधी के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति तैयार की गई। इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।
*बैठक में तय कार्यक्रम के तहत
प्रदेश से बूथ तक होंगे आंदोलन, मशाल रैली से आगाज*
31 मार्च को हर ब्लाक में होगी मशाल रैली
31 मार्च को जिला स्तर पर मंत्री करेंगे पत्रकारवार्ता
1 से 5 अप्रैल के बीच ब्लाक स्तर विधायक करेंगे पत्रकारवार्ता
ब्लाक स्तर होगी नुक्कड़ सभा, सोशल मीडिया कैंपेन भी चलेगा
हर संभाग में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन, विधायकों को कमान
राज्यस्तरीय जय भारत सत्याग्रह, जिसमें विशाल आमसभा होगी
प्रदेश स्तर पर होगा एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम
बूथ स्तरीय कमेटियों का जल्द गठन किया जाएगा
इसको हर बूथ तक जनआंदोलन बनाकर ले जाएंगे
विधानसभा वार प्रशिक्षण और संकल्प शिविर के होंगे आयोजन
हर ब्लाक में धरना, पुतला दहन, मशाल रैली, सत्याग्रह, परिचर्चा
इस अभियान में विधायकों को दी गई कमान
सैलजा ने विधायकों से कहा कि हर विधानसभा में बड़े प्रदर्शन होने चाहिए। लोगों तक मोदी की जनविरोधी नीतियों को बताया जाए। इसमें विधायक रश्मि ने सुझाव दिया कि वायनाड की जनता का वीडियो लोगों तक पहुंचाएं। इस पर सैलजा ने कहा कि राहुल देश भर के नेता है, वे केवल वायनाड के नहीं है।
जाति के नाम पर भटकाना भाजपा की आदत : सैलजा
कुमारी सैलजा ने कहा कि हम केन्द्र सरकार के तानाशाही रवैय्या की कड़ी निंदा करते हैं। यह सिर्फ राहुल गांधी की लड़ाई नहीं बल्कि हम सब की लड़ाई है। इसके खिलाफ आंदोलन चलाना है, हमें यह लड़ाई जमीनी स्तर तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा,ओबीसी का मुद्दा लाकर समाज को बांटने का काम कर रही है।

इस मामले में हमें डिफेंसिव होने का काेई मतलब नहीं है, न हम डिफेंसिंव होंगे। सैलजा ने विधायक और मंत्रियों के साथ अलग से बैठक की। राहुल का बंगला छिनने पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किन-किन मंत्री, विधायकों या पूर्व नेताओं को बंगले एलाट किए गए हैं इसका पूरा रिव्यू किया जाएगा
