
कोंडागांव
@भरत भारद्वाज
*अन्न दाता को नही मिल पा रहा है ग्रीष्म कालीन ऋण,किसान है परेशान*
कोंडागांव जिले के अंतर्गत आने वाले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर शाखा फरसगांव के अंतर्गत आने वाले 9 लेम्पस में उई 7312 पंजीकृत किसानो के द्वारा प्रति वर्ष के.सी.सी. ऋण, धान, खाद बीज ऋण, वर्मी कम्पोस्ट का लेंपस के द्वारा वितरण किया जाता है वही वर्ष 2022,23 में किसानो को ग्रीष्म कालीन ऋण के लिए दर दर की ठोकर खानी पड रही है विगत कई दिनों से किसानो को खाद तो उपलब्ध हो रहा है परन्तु ऋण का नगद भुगतान नहीं हो पा रहा है ग्रामीण अंचल के किसान कई किलोमीटर की दूरी तय करके ब्लाक मुख्यालय पहुंचते है परन्तु किसानो को ग्रीष्म कालीन ऋण नही मिलने के चलते निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है, फरसगांव जिला सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाले रांधना, भंडारसिवनी, बोरगांव, देवगांव, लुभा, उरंदाबेड़ा, बड़ेडोंगर, लंजोड़ा और फरसगांव लेम्पस समितियों के द्वारा किसानों का ग्रीष्म कालीन ऋण का केस तैयार कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा फरसगांव में विगत कई दिनों से भेजा जा रहा है परन्तु किसानों को ऋण नही मिल पा रहा है किसानो ने अपने अपने खेतों में मक्का, धान, गेंहू, आलु, भिंडी, मिर्च, गोभी एवं अन्य फसल लगाई जा रही है परन्तु किसानो को के.सी.सी. ऋण का नगद भुगतान नहीं होने के चलते पैसे के अभाव में किसानों को खाद, दवा, मजदूरी भुगतान, ट्रेक्टर का भुगतान करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, बीते वर्ष में लगभग 1487 किसानो ने 4 करोड़ 92 लाख 47 हज़ार रूपयो का ग्रीष्म कालीन ऋण लिया था, परंतु वर्तमान में अभी तक 177 किसानो का ग्रीष्म कालीन के.सी.सी. ऋण का नगद भुगतान बकाया बताया जा रहा है, समय पर किसानो को के.सी.सी. ऋण का नगद भुगतान नहीं मिला तो उसका असर किसान की होने वाली फसल पर दिखाई देगा ।
*किसानो के हितेसी बनने वाले राजनिति दल भी है नदारद*
केन्द्र और राज्य सरकारों के द्वारा किसानों के लिए भिन्न भिन्न योजनाओं का क्रियान्वन किया जा रहा है वही जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर शाखा फरसगांव के अंतर्गत आने वाले 9 लेम्पस किसानो को केसीसी ऋण का भुगतान नहीं मिल रहा है, परन्तु किसानो को समय पर मिलने वाले के.सी.सी. ऋण के नही मिलने पर किसी भी राजनिति दल का ध्यान केन्द्रित नही हो रहा है जो स्पष्ट दर्शाता है की किसानो की चिंता किसी भी राजनिति दल को नही है राजनिति दल वोट बैंक के लिए किसानो के हिमायती बनते है देखना है कब तक किसानो के खाते में के.सी.सी. ऋण की राशि आयेगी और किसान उसका कब इस्तेमाल कर पायेगा ।
किसान संता राम
बैंक में के.सी.सी.ऋण का पैसा लेने आते है तो बोलते है की बैंक में कुछ फाल्ट हुआ है जिसके चलते खाता में पैसा नही डल पा रहा है पैसे नही मिल हमको बहौत दिक्कत हो रही है ।
