*यूपीआई को शुल्क मुक्त रखने की मांग, चेंबर ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*

रिपुदमन सिंह बैस

ब्यूरो रिपोर्ट

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भानुप्रतापपुर इकाई ने यूपीआई एवं अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर एमडीआर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। चेंबर ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए शुल्क मुक्त रखने की मांग की है।

*चेंबर ने कहा कि वर्तमान समय में यूपीआई, क्यूआर कोड एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियां व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक डिजिटल भुगतान का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से विशेषकर छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।*

*ज्ञापन में कहा गया कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न करों, बैंकिंग खर्च, कर्मचारियों के वेतन, बिजली, किराया एवं अन्य बढ़ते खर्चों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में 2 हजार रुपये से अधिक के डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना व्यापारियों के लिए एक और आर्थिक बोझ बन सकता है। चेंबर ने सरकार से एमडीआर शुल्क के प्रस्ताव को समाप्त अथवा वापस लेने तथा छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को डिजिटल भुगतान पर किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क से राहत देने की मांग की है।*

*चेंबर ने कहा कि डिजिटल भुगतान से संबंधित नीतियां बनाते समय व्यापारियों के हितों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही यूपीआई को व्यापारियों के लिए शुल्क मुक्त रखने की मांग की गई।*

*इस दौरान चेंबर ऑफ कॉमर्स प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, जिला मंत्री एवं व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश रामानी, भानुप्रतापपुर इकाई अध्यक्ष यश कुमार कथुरिया, महामंत्री नमन जैन, कोषाध्यक्ष आनंद जैन,अनंत गोपाल कोठारी, मोहन हरद्वानी, नारायण पाढी, फुरकान अहमद, आनंद जैन, विवेक गुप्ता, मोंटी कुलदीप, परवेज शेखानी एवं मंतराम साहू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।*