*अजब निकाय,,, गजब खेल,,,एक ही नाली, दो अलग-अलग फाइलें: क्या है यह दोहरा खेल?,,,सजग नहीं रहे जनप्रतिनिधि तो हो जाएगा बड़ा खेल*

विनोद जैन

बालोद – नगर पालिका बालोद में एक ऐसा प्रशासनिक चक्रव्यूह रचा जा रहा है, जिसने परिषद और जनप्रतिनिधियों के अस्तित्व पर ही सवालिया निशान लगा दिया है।

अंदरखाने चल रही फाइलों की चाल अगर समझी जाए, तो साफ दिखता है कि निकाय प्रशासन परिषद को सीधे निपटाने की फिराक में है।

मामला वार्ड क्रमांक 10 की एक अदद नाली निर्माण का है, जिसे लेकर एक ऐसा दोहरा खेल खेला जा रहा है जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ जाएं।

पालिका के गलियारों से छनकर जो सच बाहर आ रहा है, वह बेहद चौंकाने वाला है: 21 सितंबर 2026 को जारी मैनुअल निविदा में क्रमांक 7 पर काम दर्ज है—वार्ड क्र. 10 विवेक मूंदड़ा घर से मोहन इलेक्ट्रिकल्स तक RCC नाली (लागत ₹3.53 लाख)।

उधर अधोसंरचना मद की फाइल: ठीक इसी स्थल—वार्ड क्र. 10 राजपूत निवास से मोहन इलेक्ट्रिकल्स तक RCC नाली निर्माण (लागत ₹6.00लाख) का प्रस्ताव अधोसंरचना मद के तहत शासन की स्वीकृति के लिए तैयार बैठा है।

वैसे तो नगर पालिका प्रशासन अपने नए नए प्रयोगों और कारनामों से चर्चा में बना हुआ है उसके बाद भी नए नए कारनामों से बाज आता दिखाई नहीं पड़ रहा है वहीं कुछ जागरूक जनप्रतिनिधियों के कारण इनके कारनामों को उजागर भी किया जा रहा है फिर भी पालिका प्रशासन अपने खेल में नए कारनामों को अंजाम दे रही है अब जनता में भी यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इन सभी मामलों की जांच कब होगी और कब इन खेलो में पर्दे के पीछे बैठे शातिर लोगों का चेहरा लोगो के सामने आएगा,,,,और दोष सिद्ध पाए जाने पर क्या कार्यवाही होगी