एनएमडीसी प्रभावित ग्राम पंचायतों ने किया अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का ऐलान

चंद्रहास वैष्णव

जगदलपुर। नगरनार स्टील प्लांट से प्रभावित ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 22 सितंबर 2026 से एनएमडीसी के मुख्य द्वार क्रमांक-01 के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रभावित पंचायतों का कहना है कि वर्ष 2001 में नगरनार में इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित भूमि के दौरान ग्रामीणों और किसानों के सर्वांगीण विकास को लेकर किए गए कई वादे अब तक अधूरे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से एनएमडीसी प्रबंधन को पत्राचार के माध्यम से मांगों से अवगत कराया जाता रहा है, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई है।

प्रभावित ग्राम पंचायतों की प्रमुख मांगों में कोपागुड़ा-खुटपदर में प्रस्तावित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण शुरू करना, स्थानीय भू-प्रभावित किसानों और बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना तथा भारी वाहनों के बढ़ते दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जगदलपुर-नगरनार मार्ग को सिक्स-लेन में तब्दील करना शामिल है। इसके अलावा भू-अधिग्रहण से प्रभावित गांवों में शिक्षा, पेयजल, बिजली, सड़क और खेल जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास करने की मांग भी की गई है।

ग्रामीणों ने मड़ई-मेला, होली और अन्य स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों के लिए मिलने वाली वार्षिक सहयोग राशि बढ़ाने, संयंत्र से निकलने वाले दूषित जल से प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा देने तथा जल शोधन और पुनर्चक्रण की व्यवस्था करने की मांग रखी है। रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष करने की मांग भी की गई है।

वहीं नगरनार आईटीआई में राजमिस्त्री जैसे अनुपयोगी ट्रेड के स्थान पर इलेक्ट्रीशियन, फिटर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे रोजगारपरक ट्रेडों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने की मांग की गई है। वर्ष 2010 में चिन्हांकित 1152 प्रभावित किसानों में से शेष 314 किसानों को एनएमडीसी में रोजगार देने तथा रोजगार मिलने तक प्रभावित किसानों और उनके परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।

प्रभावित पंचायतों ने संयंत्र के निकट स्थित मारकेल-1, मारकेल-2, खम्हारगांव, गरावंडखुर्द और कलचा को भी आधिकारिक रूप से ‘भू-प्रभावित ग्राम पंचायत’ में शामिल करने की मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक मुख्य द्वार क्रमांक-01 के सामने उनका अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।