चंद्रहास वैष्णव 
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने सोमवार को जगदलपुर स्थित कोआर्डिनेशन मीटिंग हॉल में बस्तर संभाग के तीन जिलों के पुलिस अधीक्षकों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने बेसिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के साथ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पात्र पुनर्वासितों को नीति के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम लाभ दिलाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी विशेष जोर दिया गया।
डीजीपी ने आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के साथ तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने तथा पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करने के साथ अंदरूनी क्षेत्रों और गांवों में नियमित भ्रमण करने को कहा। अधिकारियों को क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने के निर्देश भी दिए गए। शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनता का विश्वास जीतना पुलिसिंग की महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया गया।
बैठक में एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, आईजी बस्तर बी.एन. मीणा, सीआरपीएफ आईजी कबीब के, बीएसएफ आईजी संजय पंत, केंद्रीय सुरक्षा बलों के डीआईजी, बस्तर, कोंडागांव और सुकमा के पुलिस अधीक्षक सहित अन्य राजपत्रित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
