*धरना-प्रदर्शन नहीं, अपनी नाकामियों का प्रायश्चित करें गुंडरदेही विधायक कुंवर निषाद :– अभिषेक शुक्ला*

विनोद जैन

बालोद। रविवार को विधायक कुंवर सिंह निषाद द्वारा देवरी बंगला में किए गए धरना प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी के बिलासपुर संभाग सह प्रभारी एवं बालोद जिलापंचायत के पूर्व सभापति अभिषेक शुक्ला ने तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस के पास पिछले पांच साल तक सत्ता रही, उसके विधायक कुंवर निषाद आज सड़क के नाम पर आंदोलन कर रहे हैं, यह जनता के साथ सबसे बड़ा राजनीतिक मजाक है।
भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला ने कहा कि विधायक कुंवर सिंह निषाद पांच वर्ष सत्ता में रहे। कांग्रेस सरकार सहित लगभग साढ़े सात वर्ष के कार्यकाल में क्षेत्र की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त अवसर उनके पास था। लेकिन उस समय सत्ता का सुख याद रहा, जनता की तकलीफ याद नहीं आई।
उस समय तो सिर्फ अवैध कारोबार को संरक्षण देना,कमीशनखोरी में लिप्त रहना ,यही विधायक कुंवर निषाद का काम था।और आज सत्ता से बाहर होते ही जनता के नाम पर धरना और चक्काजाम की राजनीति शुरू हो गई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में सड़कें खराब होती रहीं और विधायक चुप रहे। अब भाजपा की विष्णुदेव साय की सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है तो उनके द्वारा अपनी पुरानी नाकामियों का ठीकरा भाजपा सरकार पर फोड़ने की कोशिश की जा रही है। गुंडरदेही क्षेत्र की जनता इतनी भी नहीं है कि वह विधायक के इस राजनीतिक चाल को समझ न सके।

श्री शुक्ला ने कहा कि गुंडरदेही की जनता अब सवाल पूछ रही है पिछले पांच वर्ष तक कांग्रेस के विधायक और सरकार में प्रभाव होने के बावजूद क्षेत्र की सड़कों का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? जिन समस्याओं पर आज धरना दिया जा रहा है, उन पर सत्ता में रहते हुए विधायक ने क्या ठोस कदम उठाए?

अभिषेक शुक्ला ने कहा कि सत्ता में रहते हुए काम नहीं करना और सत्ता से बाहर होने के बाद उसी काम के लिए आंदोलन करना कांग्रेस की अवसरवादी राजनीति का उदाहरण है।

भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला ने कहा अर्जुन्दा के एक युवा द्वारा सोशल मीडिया पर खराब सड़कों का मुद्दा उठाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता और युवाओं की आवाज दबाने के बजाय विधायक कुंवर निषाद को उनका धन्यवाद करना चाहिए था। लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है। यदि कोई युवा अपने गांव की सड़क की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालता है तो उसका जवाब काम से दिया जाना चाहिए, दबाव या धमकी की राजनीति से नहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक के पास आज न उपलब्धि बताने के लिए कोई ठोस रिपोर्ट है और न ही जनता को देने के लिए विकास का हिसाब। इसलिए धरना आंदोलन की राजनीति के जरिए जनता का ध्यान अपनी विफलताओं से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री शुक्ला ने कहा कि जिन सड़कों का कांग्रेस शासन में समय पर जीर्णोद्धार नहीं हुआ, उन्हें अब बजट और स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा रहा है। विधायक को यदि वास्तव में क्षेत्र की चिंता है तो चक्काजाम करने के बजाय सरकार से चर्चा कर विकास कार्यों को गति देने में सहयोग करना चाहिए।

अभिषेक शुक्ला ने कहा कि गुंडरदेही की जनता अब भाषण नहीं, हिसाब मांग रही है।पिछले पाँच साल तक सत्ता में रहने वालों को बताना चाहिए कि उन्होंने क्षेत्र के लिए क्या किया। भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस अपने शासनकाल की सड़कों, विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर अपनी जवाबदेही तय करे।

उन्होंने कहा कि धरना देने से इतिहास नहीं बदलता और चक्काजाम करने से पुरानी नाकामियां नहीं छिपतीं। जनता सब देख रही है और समय आने पर अपने वोट से इसका जवाब भी देगी।

उन्होंने गुंडरदेही के कांग्रेस विधायक कुंवर निषाद को सलाह देते हुए कहा कि राजनीतिक नौटंकी बंद करें, जनता को गुमराह करना बंद करें और यदि वास्तव में क्षेत्र का विकास चाहते हैं तो सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएं।