मेकाज जगदलपुर के डॉक्टरों ने बचाई मासूम की जान: जहरीले करैत सांप के दंश, कोमा और ब्रेन मलेरिया से जूझ रहे बच्चे को दिया नया जीवन

चंद्रहास वैष्णव

बस्तर संभाग के स्व. बलिराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय (मेकाज), डिमरापाल के शिशु रोग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने एक अत्यंत जटिल और गंभीर मामले में समय पर प्रभावी उपचार देकर एक मासूम बच्चे की जान बचा ली है। बच्चा एक साथ जहरीले करैत सांप के दंश, कोमा, रेस्पिरेटरी फेलियर, गंभीर एनीमिया और ब्रेन मलेरिया जैसी कई जानलेवा बीमारियों से जूझ रहा था।

शिशु रोग विभाग के प्राध्यापक एवं संयुक्त संचालक व अधीक्षक डॉ. अनुरूप कुमार साहू के अनुसार, 22 अगस्त 2026 की शाम करीब 4:30 बजे बीजापुर जिला अस्पताल से इस मासूम को अत्यंत नाजुक स्थिति में रेफर कर मेकाज लाया गया था।

अस्पताल लाते समय बच्चा गैस्पिंग (अंतिम सांसें गिनने जैसी स्थिति) और कोमा की अवस्था में था। जांच में पाया गया कि उसे न्यूरोटॉक्सिक करैत सांप ने काटा था और वह एस्पिरेशन निमोनिया व रेस्पिरेटरी फेलियर की चपेट में आ चुका था। इसके अलावा बच्चे के शरीर में खून का स्तर गिरकर मात्र 6.2 gm/dl रह गया था, जिससे वह अत्यधिक गंभीर एनीमिया, शॉक और जानलेवा फैल्सीपेरम यानी ब्रेन मलेरिया से भी पीड़ित था।
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए शिशु रोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में तत्काल इन्वेसिव वेंटिलेटर लगाकर सघन उपचार शुरू किया गया।

चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे को कुल 72 घंटे तक पॉजिटिव प्रेशर वेंटिलेशन सपोर्ट पर रखा गया, जिसमें 30 घंटे इन्वेसिव वेंटिलेटर और 42 घंटे नॉन-इन्वेसिव वेंटिलेटर (CPAP) शामिल रहा। शरीर में रक्त की भारी कमी को दूर करने के लिए दो बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया तथा शॉक व ब्रेन मलेरिया का सघन प्रोटोकॉल आधारित इलाज दिया गया। लगातार निगरानी और सघन चिकित्सकीय प्रयासों के बाद बच्चा अब पूरी तरह खतरे से बाहर है और उसका स्वास्थ्य तेजी से सुधर रहा है।

इस जटिल उपचार को सफल बनाने में डॉ. अनुरूप साहू, डॉ. डी.आर. मंडावी, डॉ. राहुल पराशर, डॉ. स्मिता वर्मा, डॉ. संजय राव, डॉ. श्रव्या, डॉ. तुषार, डॉ. शैली, डॉ. अभिलेश, डॉ. करण सहित PICU व चिल्ड्रन वार्ड के प्रभारी, समस्त स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय और वार्ड आया का विशेष व सराहनीय योगदान रहा।