चंद्रहास वैष्णव
जगदलपुर
जिले की शराब दुकानों में अन्य प्रांतों की मदिरा बेचे जाने की खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद आबकारी विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 10 अगस्त को जिले भर की शराब दुकानों में एक सघन जांच अभियान चलाया। सुबह 9 बजे से शुरू हुई यह मैराथन कार्रवाई शाम 8 बजे तक लगातार जारी रही।
जिला आबकारी अधिकारी अमन सिंह के नेतृत्व में गठित जांच दल ने कुल 5 शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश कोरी और मनोज कुमार यादव के साथ-साथ मुख्य आरक्षक श्याम सुंदर केसरी, ललित यादव, शैलेश पांडे और आरक्षक कवीस यादव शामिल थे। टीम ने प्रत्येक दुकान में करीब एक से डेढ़ घंटे तक डेरा डाला और स्टॉक से लेकर बिक्री तक की बारीकी से जांच की।
अधिकारियों ने सबसे पहले दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फिर परमिट से माल का मिलान करते हुए पूरे स्टॉक की एक-एक पेटी की गिनती की।
मदिरा प्रेमियों से होने वाली ओवररेटिंग (तय कीमत से अधिक वसूली) को रोकने के लिए जांच दल ने दुकानों में रेट लिस्ट चस्पा होने की स्थिति का जायजा लिया। वास्तविक कीमत पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने केवल कैश काउंटर ही नहीं, बल्कि स्वाइप मशीन और पेटीएम से होने वाले डिजिटल भुगतानों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अलावा, शराब में मिलावट की आशंकाओं को दूर करने के लिए टीम ने रैंडम तरीके से 2-3 सीलबंद बोतलें तुड़वाकर हाइड्रोमीटर की मदद से उनकी शुद्धता की जांच की।
हालांकि, आबकारी विभाग की इस दिनभर चली मैराथन कवायद के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। जांच दल को न तो किसी दुकान में अन्य प्रांत की शराब का स्टॉक मिला और न ही ओवररेटिंग या मिलावट का कोई मामला सामने आया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सभी पांचों दुकानों का संचालन तय नियमों के मुताबिक पाया गया है।
