विनोद जैन
बालोद। झारखंड राज्य में पारदर्शी परीक्षा और अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए भाजयुमो जिलाध्यक्ष बालोद गुलशन साहू ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं की आवाज को दबाने वाला दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया।
श्री साहू ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग करना प्रत्येक विद्यार्थी का जायज अधिकार है। छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए, न कि लाठीचार्ज के माध्यम से।
उन्होंने कहा कि “पारदर्शी परीक्षा मांगी थी, बदले में लाठियां मिलीं”—यह स्थिति झारखंड में छात्रों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। अपने भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
गुलशन साहू ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया जा सकता है, लेकिन उनके अधिकारों और न्याय की मांग को समाप्त नहीं किया जा सकता। सरकार को तत्काल छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संवाद स्थापित करना चाहिए तथा परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक है और उसकी आवाज को सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए।
