*मुक्तिधाम तथा कब्रिस्तान में भी पौधारोपण किया “जन सहयोग” की टीम ने,*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

काँकेर । शहर की समाजसेवी संस्था जन सहयोग द्वारा वन विभाग के सहयोग से स्थानीय मुक्तिधाम तथा मुस्लिम एवं ईसाई कब्रिस्तान में भी जाकर फलदार एवं फूलदार पेड़ों का रोपण किया। इस प्रकार शहर में आज रविवार 9 अगस्त 2026 से एक नई परिपाटी का जन्म हुआ। आज से पूर्व किसी भी संस्था ने अंतिम संस्कार वाले स्थान में पौधारोपण करने पर ध्यान ही नहीं दिया था। यह प्रस्ताव जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी द्वारा विभिन्न समाज प्रमुखों के सामने रखा गया, जिसे हर धर्म के लोगों ने खुशी से स्वीकार किया और 9 अगस्त को पौधारोपण की तारीख निश्चित की गई। तदनुसार मसीह समाज के मनकेशरी स्थित कब्रिस्तान में सर्वप्रथम सुबह 7:00 बजे पौधारोपण कार्यक्रम किया गया, क्योंकि आज रविवार होने के कारण मसीही समाज का प्रार्थना का दिन था। इसके पश्चात अन्नपूर्णा पारा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में 1 घंटे बाद पौधारोपण किया गया तथा लगभग इतने ही समय पश्चात 9:00 बजे सनातन धर्म मुक्तिधाम में समाजसेवियों ने पहुंचकर पौधारोपण किया। मुस्लिम कब्रिस्तान में समाज के अध्यक्ष जावेद मेमन ने सभी समाजसेवियों की प्रशंसा करते हुए “जन सहयोग” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के लिए बहुत अच्छे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि उनकी समाज सेवाएं अत्यंत काबिले तारीफ़ हैं। खुशी की बात है कि उनके नेतृत्व में अंतिम संस्कार वाले स्थान में फलदार फूलदार पौधे रोपित किये जा रहे हैं। समाज की ओर से अब्दुल रफीक़ हाजी सत्तार, गुलताज खान तथा अंजुमन कमेटी के प्रेसिडेंट जावेद मेमन ने सक्रिय सहयोग दिया। क्रिश्चियन समाज की ओर से प्रमुख कार्यकर्ता (सेवक) नीरज जोफ़र, डॉ प्रदीप क्लाडियस, आकाश राव आदि ने पौधारोपण किया। जन सहयोग संस्था की ओर से अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा धर्मेंद्र देव, जितेंद्र प्रताप देव, दिलीप गंजीर, अखिलेश साहू, आशुतोष देव ,शैलेंद्र देहारी, भूतपूर्व सैनिक टी के जैन, दीपक दैहारी, सागर देव ने सक्रिय भाग लिया। वन विभाग के सहयोगियों में अरुण नेताम परिक्षेत्र सहायक काँकेर, विमल ठाकुर परिक्षेत्र सहायक मर्दापोटी, चैनसिंह वट्टी परिक्षेत्र सहायक पुसवाड़ा, मनोज साहू प.स. पीढ़ापाल, हेमलता शोरी परि सहायक सुरेली, वनरक्षक पुनेश यादव, चेतन पवार, हिमालय खड़हा, सुरेखा नेताम, शेष कुमार नेताम, राजवीर दुग्गा, छबीला नेताम, लोकेंद्र सिन्हा, तिहारीन कवाची, पुष्पलता भंडारी ने विशेष सहयोग दिया। अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि आज से हम सब समाजसेवियों ने शहर में एक नई परंपरा शुरू कर दी है, जो सदैव चलती रहेगी और उन स्थानों में भी फूल पौधों की बहार रहेगी, जहां मृतात्माओं के अंतिम संस्कार किए जाते हैं। इस पर्यावरण रक्षण तथा नेक कार्य के लिए हर ओर से अजय पप्पू मोटवानी को बधाइयां प्राप्त हो रही हैं।