*गौ संरक्षण के समर्थन में बालोद की बुलंद हुंकार* गौ सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण में सैकड़ों गौभक्तों ने निकाली भव्य कलश एवं संकीर्तन यात्रा, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

विनोद जैन

बालोद। गौ सेवा, गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान को जन-जन का अभियान बनाने के उद्देश्य से सोमवार को बालोद जिले में “गौ सम्मान आह्वान अभियान” का दूसरा चरण धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और जनजागरण के माहौल में सम्पन्न हुआ। जिले की विभिन्न तहसीलों से पहुंचे सैकड़ों गौभक्तों, संत-महात्माओं, गौ सेवकों एवं गौ सेविकाओं ने कलश एवं संकीर्तन यात्रा में भाग लेकर गौ संरक्षण के पक्ष में एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को प्रातः 8 बजे बालोद स्थित गायत्री मंदिर में गौभक्तों के साथ सामूहिक रूप से ‘विजय मंत्र’ के जाप से हुई। मंत्रोच्चार के साथ गौ माता के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई। इसके बाद सुबह 9:30 बजे गायत्री मंदिर से दुर्गा मंदिर तक भव्य कलश एवं संकीर्तन यात्रा निकाली गई।
ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच निकली यात्रा में संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, गौशाला संचालक, युवा, महिलाएं तथा विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे गौभक्त उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे मार्ग में गौ सेवा, गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान से जुड़े संदेशों का प्रचार-प्रसार किया गया तथा लोगों से गौ संरक्षण के इस जन-अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।

यात्रा के समापन पर सभी गौभक्त कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में गौ सेवा, गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए गौ संरक्षण के लिए आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

अभियान के संयोजकों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार हैं। गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही गौ सेवा और गौ संरक्षण को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में बालोद जिले की विभिन्न तहसीलों से पहुंचे सैकड़ों गौभक्तों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि गौ सेवा और गौ संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। आयोजन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुआ, जहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौ सम्मान के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संत-महात्माओं, गौ सेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही गौ सेवा, गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान का उद्देश्य सफल हो सकेगा। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने गौ संरक्षण के लिए निरंतर जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प भी दोहराया।