सीएमओ की साठगांठ या रसूखदारों के आगे सरेंडर?: एल्डरमैन व पार्षद ने निकाय प्रशासन की खोली पोल, बोले— प्रीकाष्ट पर बुलडोजर, भूमाफिया को संरक्षण नहीं चलेगा

विनोद जैन

सरकारी बोर्ड उखाड़कर अवैध सीसी सड़क व नाली तानने वालों पर मेहरबान अफ़सर; जनप्रतिनिधियों ने दागे तीखे सवाल—बाउंड्रीवॉल तोड़ने में जो फुर्ती दिखाई, वह पक्की अवैध सड़क पर क्यों गायब?

बालोद, 10 सितम्बर। नगर पालिका परिषद बालोद में अधिकारियों की संदिग्ध कार्यप्रणाली और खुलेआम जारी पक्षपात के खिलाफ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा है। नयापारा वार्ड क्रमांक 03 में हुई चुनिंदा कार्रवाई को लेकर पार्षद दीपक लोढा और एल्डरमैन नितेश वर्मा ने सीएमओ सहित निकाय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे भ्रष्टाचार और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने दो टूक कहा है कि पालिका अफ़सर शहर में कानून का राज नहीं, बल्कि जिसकी लाठी उसकी भैंस और जिसकी तगड़ी सेटिंग उसको अभयदान का खेल चला रहे हैं।

रसूखदार के आगे पूरा अमला मौन:

जनप्रतिनिधियों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि एक तरफ जहां जेसीबी भेजकर प्रीकास्ट बाउंड्रीवॉल को मलबे में तब्दील कर दिया गया, वहीं दूसरी तरफ नाक के नीचे सरकारी आदेशों को पैरों तले रौंदने वाले रसूखदार के आगे पूरा अमला मौन है।

सरकारी बोर्ड उखाड़ने वाले पर कार्रवाही क्यों नहीं?:

नगर पालिका ने जिस स्थल को अवैध प्लाटिंग घोषित करते हुए आधिकारिक चेतावनी बोर्ड लगाया था, उसे रसूखदार ने रातों-रात उखाड़कर फेंक दिया। जनप्रतिनिधियों ने सवाल पूछा कि क्या पालिका की कोई गरिमा नहीं बची? सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आदेश को चुनौती देने वाले भूमाफिया पर अब तक कार्रवाही क्यों नहीं की गई? क्या सीएमओ साहब ने इस खुली गुस्ताखी पर मौन सहमति दे दी है?

अवैध सीसी रोड और नाली पर अंधा बना तंत्र:

बिना किसी टीएंडसीपी स्वीकृति और ले-आउट के खुलेआम कंक्रीट की चौड़ी सड़क और आरसीसी नाली का जाल बिछा दिया गया। हद तो तब हो गई जब इस अवैध निजी सड़क को नगर पालिका की मुख्य पक्की सड़क से जोड़ दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्या इतनी बड़ी सड़क और नाली का निर्माण रातों-रात हो गया? तब इंजीनियर और पालिका के अमले की आंखे किस सुविधा शुल्क के बोझ तले बंद थीं?

कमजोर पर शेर, ताकतवर के आगे ढेर:

खसरा क्रमांक 212, 214 और 1047/1 के मामले में तो नोटिस की मियाद खत्म होते ही बुलडोजर लेकर अफ़सर कूद पड़े। बाउंड्रीवॉल गिराने में दिखाई गई यह अफसरशाही सरकारी बोर्ड उखाड़ने वाले भूमाफिया की कंक्रीट सड़क पर क्यों ठंडी पड़ गई? क्या नगर पालिका का पीला पंजा सिर्फ सीमेंट के खंभों तक सीमित है, पक्की अवैध सड़क पर चलते ही उसके पहिए जाम हो जाते हैं?

चेहरा देखकर कार्रवाई नहीं चलेगी, सदन से सड़क तक घेरेंगे:

पार्षद दीपक लोढा और एल्डरमैन नितेश वर्मा ने निकाय प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि जनता के पैसों से तनख्वाह पाने वाले अफ़सर भूमाफियाओं के एजेंट बनकर काम करना बंद करें। अगर अवैध निर्माण हटाना है, तो वह हर किसी के लिए एक समान हटेगा। जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी है कि सरकारी चेतावनी बोर्ड उखाड़ने वाले निर्माणकर्ता के खिलाफ तत्काल कार्रवाही हो। जिस प्रकार बाउंड्रीवॉल तोड़ी गई, उसी तत्परता से अवैध रूप से निर्मित पूरी सीसी सड़क और आरसीसी नाली को बुलडोजर से उखाड़कर जब्त किया जाए। मुख्य मार्ग से जोड़ी गई अवैध लिंक को तत्काल काटा जाए।