चंद्रहास वैष्णव 
झीरम घाटी हत्याकांड के मामले में विशेष अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने प्रेसवार्ता लेकर जांच एजेंसी और भाजपा पर तीखे सवाल दागते हुए कहा कि केंद्र सरकार एनआईए की आड़ में झीरम घाटी नरसंहार में शामिल शीर्ष नक्सली कमांडरों और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने अदालत द्वारा दिए गए फैसले को “अधूरा” करार देते हुए कहा कि यह पीड़ित परिवारों और छत्तीसगढ़ की जनता की उम्मीदों के अनुरूप नहीं है।
सुशील मौर्य ने कहा कि 25 मई 2013 को हुए इस जघन्य हत्याकांड में शुरुआत में खुद एनआईए ने 200 से अधिक नक्सलियों की संलिप्तता मानी थी और दर्जनों को नामजद किया था। परंतु अब केवल 10-11 छोटे नक्सलियों और मददगारों को ही दोषी ठहराकर पूरे मामले की इतिश्री की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि शुरुआती एफआईआर और जांच में शामिल प्रमुख नक्सली नेता गणपति (उर्फ लक्ष्मण राव) और रमन्ना जैसे बड़े षड्यंत्रकारियों के नाम अंतिम चार्जशीट से क्यों हटाए गए?
राजनीतिक षड्यंत्र की जांच से बचती रही एनआईए
प्रेसवार्ता में सुशील मौर्य ने सीधे आरोप लगाया कि झीरम घाटी हमला केवल नक्सली वारदात नहीं, बल्कि एक सुनियोजित “राजनीतिक षड्यंत्र” था। उन्होंने सवाल किया कि:
-कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से अचानक सुरक्षा व्यवस्था क्यों हटाई गई?
-यात्रा का तय रूट किसके कहने पर और क्यों बदला गया?
-एनआईए ने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, बस्तर के तत्कालीन आईजी और एसपी से गहन पूछताछ कर बयान क्यों नहीं दर्ज किए?
-आत्मसमर्पण करने वाले बड़े नक्सलियों से झीरम हमले की साजिश को लेकर एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की?
उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने इस मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया था, तब भाजपा के तत्कालीन वरिष्ठ नेता अदालत में कैविएट लगाने पहुंच गए ताकि एसआईटी जांच आगे न बढ़ सके। इससे साफ संकेत मिलता है कि दाल में कुछ काला है और भाजपा सच सामने आने से डरती रही है।
उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
मामले में आगे की कानूनी रणनीति पर बात करते हुए सुशील मौर्य ने कहा कि कांग्रेस का लीगल सेल और शीर्ष नेतृत्व इस पूरे फैसले का अध्ययन कर रहा है। न्याय पाने के लिए पार्टी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने दोहराया कि जब तक इस षड्यंत्र के मुख्य सूत्रधार बेनकाब नहीं होते, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
प्रेसवार्ता में प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
इस प्रेसवार्ता में शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के साथ जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखेश्वर कश्यप, दयाराम कश्यप, एस. नीला, बकावंड/नगरनार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सेठिया, महामंत्री निशू शर्मा और कोषाध्यक्ष रविशंकर तिवारी सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
