*कोंडागांव से ऑक्सफोर्ड तक — शिक्षक विनायक कोहली देश के शीर्ष 5 भूगोल शिक्षकों में चयनित*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कोंडागांव। पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, कोंडागांव के सामाजिक विज्ञान शिक्षक श्री विनायक कोहली का चयन इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवार्ड्स 2026 की भूगोल श्रेणी में देश के शीर्ष 5 शिक्षकों में हुआ है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान ऑक्सफोर्ड सैद बिजनेस स्कूल एवं शिव नादर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रदान किया जाता है।

देशभर के हजारों शिक्षकों के बीच अंतिम चरण तक पहुँचकर श्री कोहली ने कोंडागांव, बस्तर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि विद्यालय परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

*मिट्टी से मिली शिक्षा*

श्री कोहली की प्रस्तुति का केंद्रीय विषय ‘मिट्टी’ है—वही लाल दोमट मिट्टी, जिस पर बस्तर की संस्कृति, आजीविका और कला की समृद्ध परंपरा टिकी हुई है। उनका मानना है कि भूगोल केवल किताबों में पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि उसे खोदकर, गढ़कर, बनाकर और जीकर समझा जा सकता है।

अपने विद्यार्थियों के साथ मिलकर उन्होंने विद्यालय में छत्तीसगढ़ की पहली सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला तथा मिनी बस्तर कला संग्रहालय की स्थापना की है। उनकी कक्षाओं में मॉक पार्लियामेंट, विद्यालय परिषद के वास्तविक चुनाव, क्षेत्र-आधारित मृदा अध्ययन और मानचित्र निर्माण जैसी गतिविधियाँ नियमित रूप से संचालित होती हैं।

गत सत्र में उनके मार्गदर्शन में कक्षा 10वीं का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। साथ ही विद्यालय ने अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन सूचकांक भी अर्जित किया। इससे पूर्व श्री कोहली को संगठन द्वारा टीचर अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

“यह जीत अकेले मेरी नहीं है”

अपनी इस उपलब्धि पर श्री विनायक कोहली ने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके विद्यार्थियों, स्थानीय कलाकारों और पूरे कोंडागांव की सामूहिक उपलब्धि है।

उन्होंने अपने विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से विद्यालय की प्रयोगशाला और संग्रहालय आकार ले सके। उन्होंने कुम्हारपारा के शिल्पकारों, ढोकरा एवं टेराकोटा कलाकारों तथा कोंडागांव के लिए वर्षों से कार्य कर रहे सभी लोगों को भी इस उपलब्धि का सहभागी बताया।

श्री कोहली ने अपने माता-पिता एवं बहन के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके त्याग, धैर्य और विश्वास ने उनकी सफलता की नींव रखी। उन्होंने अपने मार्गदर्शक डॉ. नीता मिश्रा (क्षेत्रीय वैज्ञानिक) एवं श्री भूपेश तिवारी के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “जब मैं उस मंच पर खड़ा होऊँगा, तो अकेला नहीं होऊँगा—पूरा कोंडागांव मेरे साथ खड़ा होगा।”

*विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएँ*

विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ ने श्री विनायक कोहली को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केन्द्रीय विद्यालय संगठन, कोंडागांव तथा समूचे बस्तर अंचल के लिए गर्व का क्षण है।

श्री कोहली की यह सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा यह दर्शाती है कि बस्तर की स्थानीय संस्कृति, मिट्टी और ज्ञान की परंपराएँ अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बना सकती हैं।