चंद्रहास वैष्णव

कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मिल रही सुविधाओं व सुपर स्पेशल इलाज को देखने पुलिस विभाग के दो अफसर सोमवार को पहुंचे। यहां उन्होंने कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सुविधाओं को देखा। एंटी नक्सल ऑपरेशन के एआईजी और सीएएफ 18वीं बटालियन के कमांडेंट संजय शर्मा और एंटी नक्सल ऑपरेशन के डीएसपी अनिल शर्मा ने कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का विस्तृत निरीक्षण किया। अस्पताल की विश्वस्तरीय चिकित्सा प्रणाली, त्वरित आपातकालीन सेवाओं और अत्याधुनिक तकनीकों का जायजा लेने के बाद दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अस्पताल दुर्गम इलाकों में तैनात जवानों के लिए किसी ‘वरदान’ से कम नहीं है।
निरीक्षण के दौरान एआईजी संजय शर्मा और डीएसपी अनिल शर्मा ने अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का दौरा किया। उन्होंने क्रिटिकल केयर यूनिट (ICU), एडवांस ट्रॉमा सेंटर, ऑपरेशन थिएटर और इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज का बारीकी से अवलोकन किया। अस्पताल प्रबंधन ने अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में जवानों को दी जाने वाली त्वरित चिकित्सा प्रक्रियाओं और आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ रायपुर से नीलेश सेन एवं विश्वजीत भोई भी साथ थे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से भी चर्चा की तथा मरीजों के इलाज के लिए अपनाई जा रही अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रक्रियाओं पर संतोष व्यक्त किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण मार्केटिंग हेड सुरेश पिल्ले, जीएम ऑपरेशन्स कल्पतरू साहू, जीएम मार्केटिंग सतीश पी. सहित अन्य ने करवाया।
बस्तर का अधिकांश क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और अंदरूनी इलाकों से घिरा हुआ है, जहां एंटी-नक्सल ऑपरेशन्स के दौरान जवानों को न केवल गोलियों और आईईडी (IED) धमाकों का जोखिम रहता है, बल्कि मलेरिया, सर्पदंश और अन्य गंभीर बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ‘गोल्डन आवर’ (घटना के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा) के भीतर सही और त्वरित इलाज मिलना जवानों के जीवन की रक्षा के लिए बेहद आवश्यक होता है।
निरीक्षण के बाद एआईजी संजय शर्मा ने कहा, “बस्तर में तैनात सुरक्षाबल बेहद विषम और चुनौतीपूर्ण माहौल में देश की सेवा कर रहे हैं। ऑपरेशन्स या गश्त के दौरान जब भी कोई जवान घायल या गंभीर रूप से बीमार होता है, तो उसे तत्काल सुपर-स्पेशियलिटी इलाज की जरूरत होती है। कॉन्टिनेंटल अस्पताल जिस तत्परता और विशेषज्ञता के साथ कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है।”
डीएसपी अनिल शर्मा ने भी अस्पताल की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्राउंड पर तैनात जवानों का मनोबल तब और बढ़ जाता है जब उन्हें यह भरोसा होता है कि किसी भी आपात स्थिति में उनके पीछे एक मजबूत और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली खड़ी है।
कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम ने पुलिस अधिकारियों के इस दौरे पर आभार व्यक्त किया। अस्पताल प्रशासन ने आश्वस्त किया कि देश और राज्य की सुरक्षा में लगे पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ 24 घंटे हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
