*बालोद में DMF के 5 करोड़ से विज्ञान केंद्र का औचित्य नहीं, छात्रहित में निरस्त किया जाए – गुलशन साहू ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र*

विनोद जैन

बालोद, भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला बालोद के जिलाध्यक्ष एवं जनपद पंचायत गुंडरदेही के सभापति गुलशन साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर बालोद जिले में जिला खनिज न्यास (DMF) निधि से ग्राम खम्हार टोला प्राथमिक शाला में स्वीकृत 5 करोड़ के “विज्ञान केन्द्र” को निरस्त करने की मांग की है।

गुलशन साहू ने पत्र में कहा कि बालोद जिले में विज्ञान केन्द्र की तुलना में बुनियादी शिक्षा सुविधाओं की ज्यादा जरूरत है।

*पत्र के प्रमुख बिंदु:*

*1. जमीनी हकीकत बदहाल:* जिले के सैकड़ों प्राथमिक, मिडिल और हाई सेकेंडरी स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट तक की व्यवस्था ठीक नहीं है, कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

*2. 5 करोड़ में 42 स्कूल बन सकते हैं:* जिले के *64 प्राथमिक-मिडिल स्कूल आज भी भवन विहीन* हैं और लगभग *100 स्कूल जर्जर अवस्था* में हैं। इस 5 करोड़ की राशि से 40 से 42 नए प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल भवन बनाए जा सकते हैं।

*3. एक ही स्कूल में 5 करोड़ का क्या लाभ?* एक विद्यालय परिसर में 5 करोड़ खर्च करने से वनांचल के बच्चों को कोई बड़ा लाभ नहीं होगा। इससे बेहतर है कि अतिरिक्त कक्ष, गर्ल्स-बॉयज टॉयलेट और विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था की जाए।

*4. 250 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती संभव:* इसी राशि से सैकड़ों रिक्त शिक्षक, व्याख्याता, प्राचार्य के पद और 250 से अधिक संवारी शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है, जिससे आदिवासी अंचल के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।

श्री साहू ने कहा कि छात्रहित एवं जनहित को देखते हुए इस स्वीकृत विज्ञान केन्द्र को निरस्त कर राशि का उपयोग जिले के जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण और शिक्षकों की भर्ती में किया जाए।
प्रतिलिपि मुख्य सचिव, कलेक्टर बालोद एवं जिला शिक्षा अधिकारी को भी प्रेषित की गयी है
उक्त अवसर पर भाजयुमो जिला मीडिया प्रभारी अभिन्न यादव, जिला स्वाध्याय प्रमुख तेषांत देशमुख, भाजयुमो बालोद के महामंत्री कमल बजाज, कोषाध्यक्ष समकित सांखला सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे उपस्थित थे।