*उर्वरक नियमों का उल्लंघन: जगदलपुर में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो पर FIR और एक केंद्र का लाइसेंस निरस्त*

चंद्रहास वैष्णव

किसानों के हितों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों (खाद-बीज) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। उर्वरक नियमों के उल्लंघन के मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है, वहीं एक कृषि केंद्र का उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषकों से मिली शिकायतों के आधार पर जांच में प्रथम दृष्टया विकासखंड जगदलपुर के कुम्हरावण्ड स्थित ‘दन्तेश्वरी कृषि केन्द्र’ द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
इसके चलते कृषि विभाग ने संबंधित फर्म का उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही फर्म संचालक के विरुद्ध पुलिस थाना फ्रेजरपुर (जिला बस्तर) में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

## *बिना लाइसेंस महंगे दामों पर बेच रहे थे डीएपी*
एक अन्य मामले में बीते 8 जुलाई को किसानों की शिकायत पर की गई जांच में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि बिना वैध उर्वरक प्राधिकार पत्र के डीएपी (DAP) के नाम पर अन्य उर्वरक को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचा जा रहा था। प्रथम दृष्टया उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के उल्लंघन के आधार पर आरोपी मनोज कुमार बेदरकर एवं जीवन जंघेल के विरुद्ध पुलिस थाना बोधघाट में मामला दर्ज कराया गया है।

## *अनियमितता दिखने पर तुरंत करें शिकायत: कृषि विभाग*
कृषि विभाग ने सभी कृषक बंधुओं से अपील की है कि यदि कोई भी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है, संदेहास्पद या अमानक गुणवत्ता का खाद, बीज या कीटनाशक उपलब्ध कराता है अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों से धोखाधड़ी करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।