विनोद जैन 
शाबाश साहेब! पारदर्शिता की नई मिसाल: प्रतिस्पर्धा से आधी दरों पर मिलने लगे संसाधन, नए CMO की कार्यप्रणाली की चौतरफा तारीफ
बालोद – नगर पालिका परिषद में प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी धन के सदुपयोग को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है।
पालिका प्रशासन द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से कराई जा रही बीडिंग (निविदा प्रक्रिया) का सीधा फायदा अब जनता के पैसों की बचत के रूप में दिखने लगा है।
हाल ही में पालिका की जरूरत से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों— स्काई लिफ्ट, मोबाइल टॉयलेट और ई-कार्ट की सरकारी खरीद के लिए जेम पोर्टल पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराई गई।
इसका नतीजा यह रहा कि निविदा में शामिल फर्मों के बीच आपसी होड़ के चलते, ये तमाम आधुनिक संसाधन पालिका को लगभग आधी दरों पर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस बड़ी बचत से न केवल पालिका के वित्तीय कोष पर बोझ कम होगा, बल्कि बची हुई राशि का उपयोग शहर के अन्य जरूरी विकास कार्यों में किया जा सकेगा।
नए सीएमओ की इस ईमानदार और कड़क प्रशासनिक सोच की शहर के बुद्धिजीवियों, पार्षदों और आम जनता के बीच जमकर तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं— “शाबाश साहेब!
