विनोद जैन 
बालोद – नगर पालिका में प्लेसमेंट एजेंसी की नियुक्ति के नाम पर चल रहे करोड़ों के खेल का ऐसा विस्फोटक पटाक्षेप हुआ है, जिसने भ्र्ष्टाचारियों और चहेती एजेंसी की जुगलबंदी को पूरी तरह खोल कर रख दिया है।
अब तक जिस ‘शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन रायपुर’ को बचाने के लिए अधिकारी नियम-कायदों को सूली पर चढ़ा रहे थे, उसका असली सच सामने आ गया है।
चौंकाने वाला खुलासा है कि अब तक बिना किसी नए टेंडर के, पुरानी एजेंसी शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन को 22 प्रतिशत अधिक (High Rate) की मलाईदार दरों पर भुगतान किया जा रहा था।
लेकिन जैसे ही नई निविदा प्रक्रिया पूरी हुई, रायपुर की Security Service Providers ने मूल टेंडर अमाउंट (Base Rate) पर काम लेकर अफसरों के सारे दावों की हवा निकाल दी है।
दस्तावेजों में दर्ज तारीखें, 22% का अतिरिक्त भुगतान और नई कंपनी का मूल रेट पर काम लेना… ये तीन ऐसे सबूत हैं जो चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि यहां पारदर्शिता की बलि देकर केवल और केवल ‘कमीशन का खेल’ खेला जा रहा था। अब यह भी शहर मे चर्चा जोरो पर हैँ की क्या शासन प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा देगी विपक्षी पार्टी के लोग अब इस मामले मे क्या एक्शन लेते हैं और कितना हल्ला मचाते हैँ यह भी देखना दिलचस्प होगा,,,, वैसे नगर पालिका के कारनामो मे रोज नए नये कारनामे शहर मे चर्चा का विषय बना हुआ हैँ
