भुगतान न होने से नाराज विद्युत यांत्रिक ठेकेदार संघ का बड़ा फैसला: जगदलपुर डिवीजन की सभी नई निविदाओं का पूर्ण बहिष्कार

चंद्रहास वैष्णव

 

बस्तर संभाग के विद्युत यांत्रिक ठेकेदारों ने विभागीय उदासीनता और लंबे समय से रुके भुगतानों के विरोध में एक बड़ा कदम उठाया है। ‘विद्युत यांत्रिक ठेकेदार संघ, जगदलपुर’ द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि जब तक विभाग द्वारा उनके सभी लंबित देयकों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक जगदलपुर डिवीजन द्वारा जारी की जाने वाली सभी नई निविदाओं (Tenders) का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा।

*2021 से अटका है करोड़ों का भुगतान, आर्थिक संकट में ठेकेदार*
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2021 से लेकर वर्तमान (2026) तक विभाग द्वारा ठेकेदारों के लंबित भुगतानों का निराकरण नहीं किया गया है। पिछले 5 वर्षों से लगातार मांग करने और विभागीय अधिकारियों को अनेक बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक राशि जारी नहीं की गई है। भुगतान में अत्यधिक विलंब के कारण ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है।

*”मजदूरी और बैंक लोन चुकाना हुआ मुश्किल”*
संघ का कहना है कि भुगतान न मिलने के कारण ठेकेदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्हें मजदूरों की मजदूरी देने, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) का भुगतान करने, बैंक ऋण (EMI) चुकाने और अन्य वित्तीय दायित्वों का निर्वहन करने में भारी मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के इस अड़ियल और उदासीन रवैये से ठेकेदारों में भारी आक्रोश है।

*विकास कार्य ठप होने की आशंका*
विद्युत यांत्रिक ठेकेदार संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यह बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक कि वर्ष 2021 से रुके हुए सभी भुगतानों का अंतिम रूप से निराकरण नहीं हो जाता। ठेकेदारों के इस सामूहिक कदम से जगदलपुर डिवीजन में बिजली और यांत्रिक से जुड़े कई महत्वपूर्ण सरकारी और विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
संघ ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभागीय उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि ठेकेदारों के हितों की रक्षा करते हुए लंबित भुगतानों का शीघ्र अति शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि क्षेत्र के विकास कार्यों में कोई अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो।