विनोद जैन 
बालोद – नगर पालिका मे लाखो रूपये के एलम खरीदी और फिलटर प्लांट के बावजूद शहर वाशी गंदाजल पिने को मजबूर है इतना गन्दाज़ल की लोग बिमारी खुद अपने अंदर जल के माध्यम से ले रहे हैँ पालिका ये पानी पिला रही है बालोद नगर पालिका के लापरवाही से 24 करोड़ की योजना के बाद भी नलों से जहर बह रहा है यह महज लापरवाही नहीं है यह 24 करोड़ 25 लाख रुपये की जल आवर्धन योजना का वो जनाजा है, जिसे नगर पालिका के जिम्मेदारो ने मिलकर निकाला है, कागजों पर 24 करोड़ की योजना चमचमा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बालोद के घरों में पानी नहीं, बीमारियां सप्लाई की जा रही हैं।
जनता टैक्स दे रही है, सरकार ने फंड दे दिया, तो फिर यह करोड़ों रुपया किसकी तिजोरी में जाकर दफन हो गया कि आज एक फिल्टर प्लांट तक ढंग से नहीं चल पा रहा?
बालोद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और कर्ताधर्ता अपनी अकर्मण्यता से जनता के बीच सरकार विरोधी माहौल तैयार कर रहे हैं।
क्या यह महज प्रशासनिक सुस्ती है, या फिर सुशासन की सरकार को जनता की नजरों में बदनाम करने की कोई गहरी सोची-समझी साजिश?
