*नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में उबला सेन समाज: पूरे छत्तीसगढ़ में एकजुट विरोध,,,बालोद में विशाल प्रदर्शन कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दोषियों के लिए फांसी की मांग*

विनोद जैन

बालोद। बिलासपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में सेन समाज की एक मासूम नाबालिग छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म के मामले ने पूरे छत्तीसगढ़ में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। इस जघन्य घटना को लेकर सेन समाज ने प्रदेशव्यापी विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है। इसी कड़ी में सोमवार, 30 जून को सर्व सेन समाज जिला बालोद के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव कर महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए समाज के आह्वान पर जिले के अनेक सैलून एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। आंदोलन में सेन समाज, महिला सेन समाज, सैलून संघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारी, युवा और मातृशक्ति बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे प्रदर्शन के दौरान न्याय के समर्थन में जोरदार नारे गूंजते रहे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग बुलंद होती रही।

बालोद जिला सेन समाज के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने बताया कि यह विरोध केवल बालोद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सेन समाज एकजुट होकर न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए हैं। उसी प्रदेशव्यापी अभियान के तहत आज बालोद जिला मुख्यालय में भी सर्व सेन समाज द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने कहा कि समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि त्वरित और प्रभावी न्याय चाहता है तथा यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

मामले की गंभीरता और समाज के आक्रोश को स्वर देते हुए जिला अध्यक्ष संतोष कौशिक ने कहा, “यह घटना सिर्फ एक बेटी के साथ हुआ अपराध नहीं है, बल्कि हमारे पूरे समाज की आत्मा पर आघात है। जिस शिक्षा के मंदिर में माता-पिता अपनी बेटियों को सुरक्षित भविष्य के लिए भेजते हैं, वहां ऐसा घिनौना कृत्य बर्दाश्त से बाहर है। हमारी मांग बिल्कुल स्पष्ट है—फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो। यदि प्रबंधन ने मामले को दबाने, लापरवाही बरतने या तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया है तो उनके विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई करते हुए स्कूल की मान्यता रद्द की जाए। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, सेन समाज का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।”

महिला जिला अध्यक्ष ममता सेन की हुंकार: “बेटियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं”

महिला सेन समाज की जिला अध्यक्ष ममता सेन ने कहा,

“एक मां और समाज की जिम्मेदार सदस्य होने के नाते यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हमारी बेटियां देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि शिक्षण संस्थानों में भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन से हमारा दृढ़ आग्रह है कि इस संवेदनशील मामले में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जाए। ऐसा कठोर संदेश जाए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके। हम पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।  विशाल प्रदर्शन में पूरे जिले से सेन समाज के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सेन समाज की दो टूक चेतावनी

ज्ञापन के माध्यम से सेन समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों एवं जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाज ने प्रशासन से पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने, दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं सख्त कदम उठाने की मांग की है।