भानुप्रतापपुर ,रिपुदमन सिंह बैस
भानुप्रतापपुर@नगर के मुख्य चौक को प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए जाने के बावजूद, नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। कल रात मुख्य चौक पर नियमों को ताक पर रखकर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष का जन्मदिन मनाया गया, जिसमें भारी आतिशबाजी और पटाखे फोड़े गए। सबसे खतरनाक बात यह है कि मुख्य चौक पर कई कपड़े की दुकानें स्थित हैं, जहाँ इस भारी आतिशबाजी से भयानक आग लग सकती थी और कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इस खतरे को देखते हुए पूर्व में व्यापारी संघ भानुप्रतापपुर के द्वारा भी मुख्य चौक में पटाखा फोड़ने को लेकर कड़ा विरोध जताया जा चुका है, इसके बावजूद व्यापारियों और आम जनता की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इस गैर-कानूनी आयोजन में स्थानीय कांग्रेस विधायक भी खुद मौजूद थीं। विपक्ष के नेताओं द्वारा नियमों के इस सरेआम उल्लंघन, स्थानीय विधायक के इस रवैये और पुलिस प्रशासन की सुस्ती के खिलाफ आज भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन व स्थानीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के दोहरे मापदंडों की जमकर धज्जियां उड़ाते हुए याद दिलाया कि पिछली बार जब भारतीय जनता युवा मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा हुई थी, तब खुशी मना रहे युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को इसी मुख्य चौक पर पटाखा फोड़ने से पुलिस ने जबरन रोक दिया था। इतना ही नहीं, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भाजयुमो कार्यकर्ता शुभम गुप्ता के ऊपर केस दर्ज कर कार्रवाई भी कर दी थी। कार्यकर्ताओं ने कड़ा सवाल उठाया कि जब नियमों का हवाला देकर हमारे कार्यकर्ता शुभम गुप्ता पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है, तो आज मुख्य चौक पर सरेआम नियम तोड़ने वाले और व्यापारी संघ के विरोध को दरकिनार करने वाले कांग्रेसी नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने में पुलिस के हाथ क्यों कांप रहे हैं? इसी मांग को लेकर जब भाजयुमो अध्यक्ष डिकेश साहू के नेतृत्व में आज भाजपा महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा और भाजपा के समस्त कार्यकर्ता भारी संख्या में थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की, तो पुलिस प्रशासन मामले में आनाकानी और लेत-लतीफी करने लगा। पुलिस के इस ढुलमुल रवैये को देख भाजयुमो कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा और वे थाने के मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए तथा साफ कर दिया कि जब तक दोषियों पर मामला दर्ज नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
थाने के घेराव और धरने की खबर मिलते ही एसडीओपी (SDOP) शेर बहादुर सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आक्रोशित कार्यकर्ताओं से बात की और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष व कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद युवा मोर्चा ने अपना धरना स्थगित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत से निखिल सिंह राठौर ने कड़े शब्दों में प्रहार करते हुए कहा कि, “नगर की शांति व्यवस्था, नियमों का पालन और आम नागरिकों व व्यापारियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। प्रतिबंधित मुख्य चौक पर सत्ता के अहंकार में चूर होकर इस तरह पटाखों का तांडव मचाना और आगजनी के खतरे को न्योता देना कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून सबके लिए एक होना चाहिए और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इन रसूखदारों पर पुलिस को तत्काल कानूनी हथकड़ी लगानी चाहिए।”
इसके साथ ही भाजपा मंडल महामंत्री राजीव श्रीवास ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन यह न भूले कि छत्तीसगढ़ में अब भाजपा की सरकार है, इसलिए किसी भी कांग्रेसी नेता को भानुप्रतापपुर की शांति व्यवस्था बिगाड़ने और व्यापारियों के जान-माल को खतरे में डालने की खुली छूट नहीं दी जाएगी; पुलिस निष्पक्ष होकर राजधर्म निभाए और विधायक के दबाव में आना बंद करे, वरना 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस प्रशासन ईंट से ईंट बजाने वाले आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहे। वहीं धरने में उपस्थित भाजयुमो मंडल महामंत्री प्रेम शर्मा ने भी पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ व्यापारी संघ पहले ही यहाँ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता चुका है, दूसरी तरफ पुलिस खुद हमारे कार्यकर्ताओं पर तत्काल डंडा चला देती है, लेकिन जब कांग्रेस के नेता सरेआम प्रतिबंधित क्षेत्र में नियम तोड़ते हैं, तो पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है, कानून व्यवस्था में इस तरह का पक्षपात बर्दाश्त से बाहर है।
घेराव का नेतृत्व कर रहे भाजयुमो अध्यक्ष डिकेश साहू ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि प्रतिबंधित चौक पर कांग्रेस विधायक की मौजूदगी में पटाखे फोड़ना सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है। व्यापारी संघ ने भी पहले यहाँ पटाखा फोड़ने का विरोध किया था क्योंकि वहाँ कपड़ों की इतनी बड़ी दुकानें हैं, अगर चिंगारी से आग लग जाती तो करोड़ों के नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेता? राजनीति के चक्कर में आम जनता और व्यापारियों की जान-माल को खतरे में डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और अगर हमारे कार्यकर्ता शुभम गुप्ता पर कार्रवाई हो सकती है, तो इन कांग्रेसियों पर भी तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अगर पुलिस ने जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय जनता युवा मोर्चा और पूरी भाजपा उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। इस घेराव और प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा महिला मोर्चा, भारतीय जनता अनुसूचित जाति मोर्चा सहित भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। इसमें मुख्य रूप से जिला भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी नरोतम चौहान जिला पदाधिकारी रत्नेश सिंह संकेत नशीनें भारतीय जनता पार्टी मंडल भानुप्रतापपुर मंडल अध्यक्ष डीगेश खापर्डे, महामंत्री गिरधारी नरेटी,पूर्व युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सचिन दुबे,प्रदेश कार्यकारणी सदस्य एवं पार्षद रजिंदर रंधावा,जिला सोशल मीडिया प्रभारी हिमांशु ठाकुर,पार्षद गुमान ठाकुर,राजकुमार यादव, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष मनोज रावते,महामंत्री कौशल रामटेके,ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष राकेश देवांगन,उपाध्यक्ष नरेंद्र साबले, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष संगीता टांडीया,महामंत्री शकुंतला यादव,युवा मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष छत्रपाल यादव,शुभम गुप्ता,गौरव श्रीवास्तव,हर्ष साहू,मंडल मंत्री शैलेश ठाकुर,मंडल कोषाध्यक्ष राहुल साहू,मीडिया प्रभारी कृष शर्मा,सोशल मीडिया प्रभारी कनक राजपूत,नागेश सेन मंडल पदाधिकारी तामेश्वर साहू नीतीश मेहता,भावेश वर्मा,मोहित विश्वास,अंकुर दास, संदीप छाबड़ा,सुभाष कोठारी,सौरभ सचदेव,हरमनप्रीत रंधावा, अभय ठगेल,रोहित चक्रवर्ती,धर्मदास कश्यप,गणेश संचाला,संजय कश्यप,गौतम सूर्यवंशी,आयुष जायसवाल एवं महिला मोर्चा उपाध्यक्ष सीता चंद्राकर, कोषाध्यक्ष उर्मिला जसूजा मंत्री गीता ठाकुर मीडिया प्रभारी राजेश्वरी कचलाम आदि कार्यकर्ता उपस्थित थें।
