विनोद जैन 
नगर पालिका परिषद बालोद की व्यावसायिक दुकानों से पिछले 8 वर्षों (अक्टूबर 2018 से जुलाई 2026 तक) से प्रीमियम और किराया वसूल न किए जाने का विवाद और गहरा गया है।
इस प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ छोटे कद के ‘पार्षद’ दीपक लोढ़ा ने कड़ा रुख अपनाया है। CMO को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और संबंधित दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है।
पार्षद दीपक लोढ़ा का कहना है कि दुकानों को सील करना केवल बकाया वसूली की एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन इतने वर्षों तक राजस्व की वसूली क्यों नहीं की गई, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
यदि 8 वर्षों तक नगर पालिका को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है।
जनप्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि यह मामला अब केवल सीलिंग तक सीमित नहीं रहेगा। इस मुद्दे को नगर पालिका परिषद की आगामी बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
