*डायल-112 के अधिकारियों-कर्मियों को आधुनिक आपातकालीन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण*

चंद्रहास वैष्णव

आम नागरिकों को त्वरित और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेन) से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुलिस मुख्यालय रायपुर के मार्गदर्शन तथा बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन में 20 और 21 जुलाई को शौर्य भवन, लालबाग में आयोजित इस प्रशिक्षण में बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के कुल 150 अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में सी-डैक के मास्टर ट्रेनर विकास तिवारी और गोविंदा (विजन प्लस) ने प्रतिभागियों को डायल-112 आपातकालीन वाहनों में लगाए गए अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें पीएफटी, मोबाइल डिवाइस, पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा तथा अन्य तकनीकी उपकरणों के उपयोग, संचालन और रखरखाव की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि डायल-112 एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसके माध्यम से पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन सेवाएं एक ही नंबर पर उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 नंबर डायल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण में घटनास्थल तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित करने, रिस्पांस टाइम कम करने, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग का बेहतर उपयोग करने तथा आम लोगों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर आपातकालीन वाहनों में स्थापित पीटीजेड कैमरों सहित अन्य उपकरणों की नियमित जांच, संचालन और रखरखाव संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। प्रशिक्षण में बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के पुलिस अधिकारी, डायल कंट्रोल सेंटर के प्रभारी, ईआरवी स्टाफ, थाना-चौकी, यातायात शाखा, वाहन शाखा, रक्षित केंद्र तथा हाईवे पेट्रोलिंग के कर्मचारी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य डायल-112 से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर आम नागरिकों को अधिक प्रभावी, त्वरित और निर्बाध आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराना है।