यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर 
पखांजूर – छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रदेश संयोजक वाजिद खान,प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी, जिलाध्यक्ष कांकेर स्वदेश शुक्ला, जिला सचिव, संतोष जायसवाल, मीडिया प्रभारी कृष्णेंदु आइच ने कहा है कि केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने टीईटी के मामले में हमेशा शिक्षकों के हित में ही बयान दिया,कभी भी शिक्षकों के विरोध में बयान जारी नहीं किया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने विगत दिनों एक सभा में तथा मीडिया में कहा था कि टीईटी के संबंध में हम कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे, शिक्षकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव जी ने भी अपने बयान में स्पष्ट कहा है कि शिक्षकों का नुकसान नहीं होने देना चाहते, सरकार इसका रास्ता निकालेगी,इसके लिए विचार विमर्श किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने राज्यसभा में टीईटी के संबंध में शिक्षकों के सेवा सुरक्षा को लेकर प्रस्तुत बिल का स्वागत करते हुए कहा है कि अगर संसद में यह बिल आया है कि शिक्षा के अधिकार नियम लागू होने के पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी करने की आवश्यकता नही है,साथ ही टीईटी के बिना अनिवार्य सेवानिवृत्ति नही किया जा सकता,सेवारत शिक्षकों को इससे छूट मिलेगी। एसोसिएशन के विकासखण्ड अध्यक्ष भोला प्रसाद ठाकुर,गोरखनाथ ध्रुव,धर्मराज कोरेटी,बोधन साहू,सत्यनारायण नायक,अनुप पुरबिया,खम्मन नेताम ने कहा कि हम शिक्षक वर्ग यही तो कहते रहे है कि शिक्षा का अधिकार नियम के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट के लिए बाध्य नही किया जा सकता,साथ ही पूर्व नियम से नियुक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त नही किया जा सकता, शिक्षकों की भर्ती तत्समय प्रचलित नियमो के अनुसार की गई है,यह बिल, विधेयक शिक्षकों की भावना के अनुसार है,आखिर लंबी शिक्षकीय सेवा से शिक्षक दक्ष हो जाते है,बिल स्वागतेय है,विधेयक के पक्ष में केंद्रीय शिक्षा मंत्री व सांसद भी है,विरोध में कोई नही है, अतः इससे अब शिक्षकों की चिंता दूर हो गई है।
